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उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन में बोलते सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय किशन कौल
– फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के छावनी क्षेत्र स्थित एक होटल में शनिवार को सुगम न्याय प्राप्ति विषय पर उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने कहा कि हमें यह देखना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक जेल में मात्र इसलिए न बंद रहे क्योंकि उसके मामले का विचारण या अपील न्यायालय में लंबित है।
हमें मामलों को जल्दी से निपटाने की जरूरत है। साथ ही, अपराध के पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और उनके पुनर्वास की भी जरूरत है।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अनावश्यक प्रशासनिक या कानूनी तकनीक के चलते विचाराधीन कैदियों की दैहिक स्वतंत्रता बाधित न हो। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने गिरफ्तारी के पूर्व, गिरफ्तारी के समय और रिमांड स्तर पर लोगों के अधिकारों के बारे में चर्चा की।
प्रतिनिधियों के तौर पर आयोजन में आए 11 राज्यों के न्यायाधीशों से जेलों में निरुद्ध बंदियों की संख्या को कम करने के लिए उपयुक्त मामलों में परिवीक्षा देने की अपील की। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा कि विधिक साक्षरता के प्रसार में कानून के छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
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