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Ministry of Ayush
– फोटो : सोशल मीडिया
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आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सोवा रिग्पा पद्धतियों की ओर लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए जिले के 36 क्षेत्रों में सर्वे किया गया। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफ इंडिया (एनएसएसआई) की ओर से यह सर्वे पूरा हो गया है। देश भर में हो रहे सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आयुष मंत्रालय योजनाएं बनाएगा। सर्वे का उद्देश्य अंग्रेजी दवाओं को बंद करना है।
जिले स्तर पर सर्वे की जिम्मेदारी जिला अर्थ एवं संख्या कार्यालय को दी गई। विभाग ने 20 शहरी क्षेत्र और 16 ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे किया। विभाग ने अब तक 27 क्षेत्रों का डेटा एनएसएसआई के सॉफ्टवेयर में फीड कर दिया है। शेष नौ का डेटा भी 30 जून तक फीड कर लिया जाएगा।
एक जुलाई 2022 को शुरू हुआ था सर्वे
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम नारायण यादव ने बताया कि इस सर्वे की शुरुआत एक जुलाई 2022 को हुई। शासन की ओर से हर तीन महीने में नौ क्षेत्रों का सर्वे का लक्ष्य मिला था। पांच टीमों ने प्रत्येक क्षेत्र में 250 से 300 परिवारों से 16 बिंदुओं पर बातचीत कर आयुष उपचार और इससे जुड़ी तमाम जानकारियां लीं। हर तीन महीने के सर्वेक्षण के बाद डेटा को एनएसएसआई के सॉफ्टवेयर पर फीड किया गया।
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