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वाराणसी के एक कॉलोनी में जला आट्रांसफार्मर।
– फोटो : फाइल
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गर्मी को देखते हुए बिजली विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभू कुमार ने 21 जनपदों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा की। प्रबंध निदेशक मंडलीय और चीफ इंजीनियरों से कहा कि सभी ट्रांसफार्मरों का मरम्मत 15 अप्रैल तक करा लें।
इसके बाद ट्रांसफार्मर जलने पर जेई और अधीक्षण अभियंता की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। प्रबंध निदेशक ने प्रयागराज और वाराणसी क्षेत्रों में ओवरलोडिंग के चलते जल रहे ट्रांसफार्मरों पर नाराजगी जताई। कहा कि लापरवाही ठीक नहीं है। ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर का लोड बांटा जाए ताकि राजस्व हानि से बचा जा सके।
प्रयागराज के बाद वाराणसी में जले सर्वाधिक ट्रांसफार्मर
ट्रांसफार्मरों के जलने के आंकड़ों पर नजर डाले तो प्रयागराज के बाद वाराणसी का नंबर आता है। चालू वित्त वर्ष में 594 ट्रांसफार्मर प्रयागराज में जले हैं, जबकि वाराणसी क्षेत्र में 581 ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। आजमगढ़ में 414, मिर्जापुर में 384, गोरखपुर में 319, बस्ती में 185 ट्रांसफार्मर जले हैं। इनसे करीब 70 करोड़ के नुकसान का आकलन है।
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