Varanasi: बहू की डांट से नाराज महिला पटना से बनारस चली आई, एक माह बाद बेटे ने देखा तो फफक पड़ा

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अपना आश्रम में मां और बेटा

अपना आश्रम में मां और बेटा
– फोटो : अमर उजाला

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कहते हैं काशी कभी किसी को बेसहारा नहीं छोड़ती है। कुछ ऐसा ही वाकया रविवार को सामने आया। बहू की डांट से नाराज होकर घर से निकली वृद्ध महिला को बनारस में दुलार और सहारा मिल गया। आश्रम की टीम की बदौलत महिला आज अपने परिवार के साथ है। 

बिहार के पटना निवासी सरवरी बेगम एक महीने पहले अपनी बहू की डांट से नाराज होकर घर छोड़ दिया था। वह भटककर बनारस आ गईं। यहां कैंट रेलवे स्टेशन पर लावारिस अवस्था में देखकर अपना घर आश्रम की टीम ने सहारा दिया। वृद्ध महिला की काउंसिलिंग व सेवा की गई। इसके बाद वृद्ध महिला ने अपने घर का पता बिहार का पटना शहर बताया।

आश्रम की सोशल मीडिया टीम ने बिहार पुलिस से संपर्क किया तो महिला के बेटे के बारे में सूचना मिली। मां के बनारस में होने की सूचना मिली तो बेटे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शनिवार को सरवरी बेगम का बेटा सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम पहुंचा।

बेटे को देखते ही सरवरी उससे लिपट गईं और रोने लगीं। यह देख बेटा भी फफक पड़ा। वहां मौजूद लोगों की भी आंखें भी नम हो गईं। 

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कहते हैं काशी कभी किसी को बेसहारा नहीं छोड़ती है। कुछ ऐसा ही वाकया रविवार को सामने आया। बहू की डांट से नाराज होकर घर से निकली वृद्ध महिला को बनारस में दुलार और सहारा मिल गया। आश्रम की टीम की बदौलत महिला आज अपने परिवार के साथ है। 

बिहार के पटना निवासी सरवरी बेगम एक महीने पहले अपनी बहू की डांट से नाराज होकर घर छोड़ दिया था। वह भटककर बनारस आ गईं। यहां कैंट रेलवे स्टेशन पर लावारिस अवस्था में देखकर अपना घर आश्रम की टीम ने सहारा दिया। वृद्ध महिला की काउंसिलिंग व सेवा की गई। इसके बाद वृद्ध महिला ने अपने घर का पता बिहार का पटना शहर बताया।

आश्रम की सोशल मीडिया टीम ने बिहार पुलिस से संपर्क किया तो महिला के बेटे के बारे में सूचना मिली। मां के बनारस में होने की सूचना मिली तो बेटे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शनिवार को सरवरी बेगम का बेटा सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम पहुंचा।



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