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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू
– फोटो : फाइल
विस्तार
बीएचयू अस्पताल में एचआईवी संक्रमित 60 से 70 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हर साल कराया जाता है। खास बात यह है कि इन महिलाओं की डिलिवरी के बाद उनके बच्चों का 18 महीने तक फॉलोअप भी किया जाता है। ऐसी महिलाओं के प्रसव के बाद उन्हें किसी तरीके की कोई परेशानी भी नहीं होती है। शुक्रवार को बीएचयू में विश्व एड्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को इसकी जानकारी दी गई।
बीएचयू अस्पताल के महिला विभाग में आयोजित कार्यक्रम में नोडल अधिकारी प्रो. उमा पांडेय ने बताया कि एचआईवी संक्रमण व्यक्ति एआरटी सेंटर पर दवा के माध्यम से स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है। गर्भवती महिला यदि समय से एचआईवी जांच कर ले तो उसके साथ-साथ उसके होने वाले बच्चों के लिए भी बेहतर होता है। प्राय: देखा जाता है कि एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिला के बच्चे की रिपोर्ट नेगेटिव रहती है। इस दौरान कार्यक्रम में डॉ. ममता सिंह, सोनी सिंह, डॉ. प्रतिभा मिश्रा के साथ ही महिला विभाग की अध्यक्ष प्रो. संगीता राय आदि लोग मौजूद रहे। उधर, बीएचयू अस्पताल परिसर स्थित एआरटी सेंटर की ओर से ओपीडी हाॅल में आयोजित कार्यक्रम में लोगो को एड्स के कारण, बचाव के बारे में जागरूक किया गया। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन शंखवार ने सेंटर की ओर से किए जाने वाले कार्यों की सराहना की। नोडल अधिकारी प्रो. जया चक्रवर्ती ने बताया कि एक ही छत के नीचे एचआईवी संक्रमितों के शुरुआती जांच के साथ ही इलाज की सभी सुविधाएं मिलती हैं। उन्हें किसी तरीके से परेशानी नहीं होती है।
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