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हादसे में मौत के बाद रोते परिजन
– फोटो : अमर उजाला
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शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर आंखों में आंसू लिए सिसकते पिता डॉ. भैरव सिंह रिश्तेदारों से बार-बार यही कह रहे थे कि रेलवे के बिजली विभाग में अवर अभियंता बेटे सर्वेश को दूल्हा के रूप में देखने की चाहत थी। अब उसकी अर्थी कंधा देना पड़ रहा है। एक जुलाई को ही लंका की रहने वाली युवती से सर्वेश की सगाई की थी। नवंबर में शादी होनी थी। मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई। सर्वेश इकलौता था। यह कहते ही वह फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें संभालने आगे आए रिश्तेदारों की आंखें भी डबडबा गईं।
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दांदूपुर रिंग रोड ओवरब्रिज से रविवार को अनियंत्रित बाइक नीचे जा गिरी और इसकी चपेट में आने से रेलवे के अवर अभियंता सर्वेश शंकर सिंह (25) की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की देर शाम मणिकर्णिका घाट पर सर्वेश का अंतिम संस्कार किया गया। उधर, शिवपुर थाना प्रभारी बैद्यनाथ सिंह ने बताया कि बाइक पर दर्ज चेचिस नंबर के आधार पर वाहन स्वामी का पता लगाया जा रहा है। बाइक पर पंजीकरण नंबर नहीं था।
मां अचेत, बहनें कहती रहीं अब किसे बांधेंगे राखी
चोलापुर थाना क्षेत्र के गंजारी निवासी पिता डॉ. भैरव सिंह और मां लक्ष्मीना देवी के इकलौते पुत्र और चार बहनों में इकलौते भाई की असमय मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। रविवार की शाम से सोमवार तक घर से सिर्फ रोने की आवाजें आती रहीं। बहनें अर्चना, साधना और आराधना मायके पहुंची तो उनके चीत्कार से हर कोई गमजदा हो गया। बहनें बार-बार यही कह रही थीं कि अब वह किसे राखी बांधेंगी। बिलखती बहनों को संभालने में आसपास की महिलाएं भी खुद को रोने से नहीं रोक सकीं। गमगीन माहौल के बीच मां लक्ष्मीना देवी बार-बार अचेत भी हुईं। जैसे ही उन्हें होश आता तो वह बेटे सर्वेश को याद कर बेहोश हाे जाती।
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