Varanasi: मौलाना मदनी के बयान पर भड़के स्वामी जितेंद्रानंद, बोले- इतिहास ठीक से पढ़ाने की जरुरत

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स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती
– फोटो : अमर उजाला

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जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन के आखिरी दिन मौलाना अरशद मदनी के बयान से संत समाज आक्रोशित है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने मौलाना मदनी द्वारा सनानत धर्म की प्राचीनता पर दिए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मौलाना मदनी के बयान के बाद लगता है कि उन्हें इतिहास सही से नहीं पढ़ाया गया है।

स्वामी जितेंद्रानंद ने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि तथ्यों के आधार पर पूरे इतिहास का लेखन फिर से हो। कहा कि मौलाना मदनी इस्लाम को दुनिया को प्राचीन धर्म बताएंगे, तो कोई बौद्ध धर्म को। जब भगवान बुद्ध ने स्वयं पाली भाषा में कहा ‘असो धम्म: सनातन:’ यानी कि सबसे पुराना धर्म सनातन है।

आगे कहा कि मदनी और स्वामी प्रसाद के बयानों से लगता है कि सच में अब तथ्यों के आधार इतिहास का पूरा लेखन दोबारा करना की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस बार तुर्की और सीरिया में भी आए भूकंप में 3000 साल पुराने मंदिर मिले हैं, चीन के अंदर भी 5000 साल पुराने मंदिर मिले हैं। द्वारका में 500 साल पुराना शहर उपलब्ध है ही।

उन्होंने कहा कि मौलाना मदनी के बयान के बाद लगता है कि उन्हें इतिहास सही से नहीं पढ़ाया गया है।

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