Varanasi: रामचरित मानस का विरोध नहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- कुछ चौपाइयों के अंश को बदलने की जरूरत

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प्रेस वार्त करते स्वामी प्रसाद मौर्य

प्रेस वार्त करते स्वामी प्रसाद मौर्य
– फोटो : अमर उजाला

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वाराणसी से सोनभद्र रवाना होने के पहले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरित मानस पर दिए गए बयान को लेकर सफाई दी। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि रामचरित मानस के विवादित अंश को संशोधित किया जाए या प्रतिबंधित किया जाए। मैं आज भी उस बयान पर टिका हूं। कहा कि रामचरित मानस के चौपाई में दलितों, महिलाओं के अपमान वाले अंश पर मैंने सवाल खड़े किए। इसे संशोधित करने की मांग लेकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है।

स्वामी प्रसाद ने कहा कि रामचरित मानस की प्रतियां जलाने की बात सरासर गलत है। सरकार के दबाव में यह पुलिस का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि आप लोगों को किसने बताया कि मैंने रामचरित मानस का विरोध किया। एक चौपाई का विरोध करना रामचरित मानस का विरोध नहीं हुआ। जो जिस धर्म को मानेगा, वह उसी की कमियों को इंगित कर सकता है।

मनोज मुंतशिर के बयान पर उन्होंने कहा कि जिसे भी मेरा सर्टिफिकेट देखना हो वो यूनिवर्सिटी जाकर देख ले। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा कि उन्हें तो सबसे गले मिलने चाहिए।

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