Varanasi: सेवानिवृत्त अवर अभियंता को गबन में 10 साल की सजा, 28 साल पहले दर्ज हुआ था मुकदमा

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Retired junior engineer sentenced to 10 years for embezzlement case was filed 28 years ago

वाराणसी कोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

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विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अवनीश गौतम की अदालत ने 30,577 रुपये के गबन के मामले में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा गाजीपुर के तत्कालीन अवर अभियंता कैलाश सिंह को दोषी पाया है। अदालत ने कैलाश को 10 वर्ष की कड़ी कैद और एक लाख दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

वह बलिया के नवापुरा के इंदिरा आवास निर्माण समिति का सचिव और लखनऊ के मोहनलालगंज का निवासी है। कैलाश सिंह सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गया है। वर्तमान में उसकी उम्र 65 वर्ष है। बलिया जिले के सिकंदरपुर थाने में 23 मई 1995 को सतर्कता अधिष्ठान, वाराणसी के डिप्टी एसपी राधे सिंह यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

श्रमिकों को काम के बदले अनाज देने की योजना में गड़बड़ी

एडीजीसी आलोक कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक बलिया के विकास खंड नवापुरा के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा वित्तीय वर्ष 1987- 88 और 1988-89 में सड़क निर्माण, संपर्क मार्ग, नाला-नाली निर्माण, इंदिरा आवास, सुलभ शौचालय निर्माण और वृक्षारोपण आदि कार्यों को कराने के दौरान श्रमिकों को काम के बदले अनाज देने की योजना में गड़बड़ी की गई।

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