बीएचयू के सयाजी राव गायकवाड़ ग्रंथालय में लगी पुस्तक प्रदर्शनी – फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के सयाजी राव गायकवाड़ ग्रंथालय में लगी सात दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में महामना पर लिखी गई पुस्तकों के साथ ही उनके द्वारा संग्रहीत सिक्के भी देखने का मिलेंगे। 28 दिसंबर तक चलने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन बृहस्पतिवार को कुलसचिव डॉ. अरुण कुमार सिंह ने किया।
पंडित मालवीय की 161वीं जयंती पर लगी प्रदर्शनी में महामना के व्यक्तिगत संग्रह भी हैं। इसमें सिक्के, मूर्तियां, कीमती पत्थर, उपहार स्वरूप प्राप्त शीशे के ग्लास, गुलाब पत्र पर लिखित कविता एवं संपादित पत्रिका सनातन धर्म शामिल हैं।
ग्रंथालयी डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में जीवन दर्शन, स्मरणीय प्रेरक प्रसंग, अनमोल वचन, लेख एवं भाषण इत्यादि पर पुस्तकें एवं उनकी जयंती पर विमोचित स्मारिकाओं को भी रखा गया है। इन पुस्तकों में उन्हें आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में भी चित्रित किया गया है। इस दौरान डॉ. आर परमेश्वरन, डॉ. शुचिता सिंह मौजूद रहे।
मालवीय जी की जयंती पर मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र की ओर से 24 दिसंबर को विशेष व्याख्यान होगा। बीएल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडोलॉजी के निदेशक प्रो. जीसी त्रिपाठी भारतीय ज्ञान की वैश्विक व्याप्ति तथा भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिकता की चुनौतियां विषय पर व्याख्यान देंगे। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी अध्यक्षता करेंगे।
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बीएचयू के सयाजी राव गायकवाड़ ग्रंथालय में लगी सात दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी में महामना पर लिखी गई पुस्तकों के साथ ही उनके द्वारा संग्रहीत सिक्के भी देखने का मिलेंगे। 28 दिसंबर तक चलने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन बृहस्पतिवार को कुलसचिव डॉ. अरुण कुमार सिंह ने किया।
पंडित मालवीय की 161वीं जयंती पर लगी प्रदर्शनी में महामना के व्यक्तिगत संग्रह भी हैं। इसमें सिक्के, मूर्तियां, कीमती पत्थर, उपहार स्वरूप प्राप्त शीशे के ग्लास, गुलाब पत्र पर लिखित कविता एवं संपादित पत्रिका सनातन धर्म शामिल हैं।
ग्रंथालयी डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में जीवन दर्शन, स्मरणीय प्रेरक प्रसंग, अनमोल वचन, लेख एवं भाषण इत्यादि पर पुस्तकें एवं उनकी जयंती पर विमोचित स्मारिकाओं को भी रखा गया है। इन पुस्तकों में उन्हें आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में भी चित्रित किया गया है। इस दौरान डॉ. आर परमेश्वरन, डॉ. शुचिता सिंह मौजूद रहे।