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रोपवे की ट्रॉली
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे के कैंट स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी। रेस्टोरेंट, शोरूम, स्वचालित सीढि़यां, लिफ्ट व लाउंज की व्यवस्था रहेगी। वेंडिंग मशीन भी लगाई जाएंगी। कैंट से गोदौलिया के बीच पांचों स्टेशन को हर दिन एक लाख यात्रियों के आवागमन की क्षमता के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसके लिए कैंट और गोदौलिया स्टेशन को खास तरीके से डिजाइन किया जा रहा है। यहां प्रवेश से लेकर सफर तक में यात्रियों को अनूठा अहसास होगा। पूरे परिसर को बुजुर्गों और दिव्यांगों के अनुकूल तैयार किया जाएगा। यात्रियों को टिकट लेने के लिए लाइन नहीं लगानी होगी। हर स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जाएंगी। बैगेज स्कैनर, लॉकर रूम, ऑटोमैटिक गेट क्लोजर, सॉविनियर शॉप, एटीएम, रेस्ट रूम की सुविधा होगी। वाराणसी में रोपवे के निर्माण में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही स्विट्जरलैंड की कंपनी बथोर्लेट भी सहयोग कर रही है।
150 फीट की ऊंचाई से एक साथ गुजरेगी 153 ट्रॉली कार
रोपवे की ट्रालियों का संचालन 150 फीट की ऊंचाई से किया जाएगा। इस लिहाज से कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौराहे पर बनने वाले स्टेशन की ऊंचाई 150 फीट तक होगी। इतनी ऊंचाई पर 153 पैसेंजर ट्राॅली कार पूरे रूट पर एक साथ चलेंगी। हर डेढ़ से दो मिनट के अंतराल पर यात्रियों के लिए ट्रॉली उपलब्ध रहेगी। एक दिशा से एक घंटे में 3000 लोग यात्रा कर सकेंगे। इसका मतलब है कि दोनों दिशाओं से एक घंटे 6000 यात्रियों का आवागमन होगा। रोपवे के लिए भूमि अधिग्रहण, तार व पाइप शिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 24 मार्च को किया था।
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