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रविंद्रपुरी मार्ग पर बारिश के बाद हुआ जलभराव
– फोटो : अमर उजाला
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मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। इस महीने तीन दिन में ही जितनी बारिश हुई है, उतनी सितंबर महीने में नहीं हुई थी। सितंबर जहां 99.7 मिलीमीटर बारिश हुई थी, वहीं एक से तीन अक्तूबर के बीच 136 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे मौसम बदल गया है। अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। हालांकि, रिकॉर्डतोड़ बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या गहरा गई। इससे क्षेत्रीय नागरिकों को असुविधा हुई है। बीएचयू व चांदपुर सहित कई इलाकों में पेड़ गिर गए हैं। बारिश व हवा से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून देरी से विदा होगा। सामान्य तौर पर जून से सितंबर तक मानसून सीजन माना जाता है, लेकिन इस बार अक्तूबर के पहले सप्ताह में भी मानसूनी बारिश जारी है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में 910 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 30 सितंबर तक 590 मिलीमीटर बारिश ही हो पाई थी। अक्तूबर के तीन दिनों की बारिश का आंकड़ा लिया जाए तो कुल बारिश 726 मिलीमीटर हो जाएगी। इस तरह औसत से अब भी 190 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि इस बार का मानसून सीजन दस अक्तूबर तक रहने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बने रहने की वजह से अभी बारिश रूकरूक कर आठ अक्तूबर तक होते रहने के आसार हैं। तेज बारिश जारी रही तो बारिश का निर्धारित मानक व लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
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