Video: चेतावनी के बावजूद दौड़ते रहे भारी वाहन, पुल टूटा तो झूलता रह गया डस्ट से भरा ट्रक, हैरान कर देगा दृश्य

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मेरठ के सरधना में शनिवार सुबह हुए हादसे को जिसने भी देखा उसने ही अपने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। दरअसल यह हादसा ही ऐसा था। यहां सलावा गंगनहर पर बना अंग्रेजों के जमाने का पुल बीच से अचानक टूट गया। इसी दौरान इस पर से डस्ट से भरा एक ट्रक गुजर रहा था जो हादसे की चपेट में आ गया। पुल का आधा हिस्सा नहर में लटका रह गया जबकि आगे का हिस्सा पुल पर रहा, ऐसे में चालक की सांसे भी अटकी रह गईं। उसने जैसे तैसे कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं पुल टूटने की खबर लगते ही मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। वहीं इसका वीडियो बनाकर लोगों ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। 

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पुल को दोबारा से बनवाने की मांग उठाई गई लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंगती। शनिवार को आखिरकार पुल टूट गया और हादसा हो गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। ट्रक चालक भी बाल बाल ही बचा। आगे वीडियो में देखें हादसे के बाद का मंजर।

शनिवार सवेरे एक ट्रक चालकर डस्ट लेकर पुल से  गुजर ही रहा था कि बीच में पहुंचते ही पुल धराशायी हो गया। ट्रक पीछे की तरफ से नहर में लटककर झूलने लगा तो ट्रक का अगला हिस्सा ऊपर उठ गया। ऐसे में ट्रक चालक भी हवा में ही लटका रहा। काफी देर बाद जैसे तैसे चालक ने कूदकर नीचे आया और किनारे पर पहुंचा। वहीं राहगीरों ने दौड़कर उसका हाल पूछा। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणें ने ट्रक से डस्ट को नहर में ही खाली किया।


जानकारी के अनुसार इस पुल का ब्रिटिश काल में बनवाया गया था। तभी से इस पर आवागमन जारी था। काफी पहले ही इस पुल का समय पूरा हो गया था, ऐसे में पुल कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता था। इसे लेकर पुल पर चेतावनी बोर्ड भी लगाया गया था। हालांकि क्षेत्रवासी लगातार नए पुल के निर्माण की मां कर रहे थे लेकिन शनिवार को आखिरकार हादसा हो गया।


साथ ही सलावा ग्राम को जोड़ने वाला पुल है। गौरतलब है कि सलावा में प्रधानमंत्री की प्राथमिक योजनाओं में शामिल खेल विश्वविद्यालय सलावा गांव में ही प्रस्तावित है। पीएम मोदी ने सलावा गांव में ही खेल विवि का शिलान्यास किया था। इस दौरान भी ग्रामीणों ने पुल के दोबारा निर्माण की मांग उठाई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया। 


सलावा संपर्क मार्ग पर दिन निकलते ही धसे गंगनहर पुल पर निरीक्षण को घटना के कई घंटे बाद भी सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। बता दें कि इसी पुल के नीचे से सलावा विद्युत गृह के लिए भी पानी जाता है। हालांकि विद्युत विभाग का भी कोई अधिकारी हादसे के बाद मौके पर नहीं पहुंचा।


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