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सांसद राजकुमार चाहर
– फोटो : अमर उजाला
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ताजनगरी आगरा की बोदला जमीन का मामला बढ़ता ही जा रहा है। हर दिन नई बात सामने आ रही है। उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय के आरोपों के बाद मंगलवार को भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने भी मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि उनका जमीन से कोई लेना-देना नहीं है और न ही किसी भूमाफिया को जानते हैं। वह पीड़ित चौकीदार को फर्जी मुकदमे में जेल भेजे जाने की घटना की जानकारी होने पर उसके पास गए थे। उसे न्याय दिलाने के लिए पैरवी की। इसके अलावा उस जमीन से कोई ताल्लुक नहीं है।
बोदला की जमीन पर कब्जे और फर्जी मुकदमे का मामला तूल पकड़ रहा है। विवाद में नाम उछलने के बाद सांसद राजकुमार चाहर लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि बोदला की जमीन को कब्जाने में किन लोगों की भूमिका है, कौन इसके पीछे है, इसकी मुझे कतई जानकारी नहीं थी। उनकी सहानुभूति उस पीड़ित चौकीदार रवि कुशवाह और उसके परिवार से है, जिसे निर्दोष होते हुए भी फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेज दिया गया। वह चौकीदार को भी नहीं जानते। क्योंकि उनके पिता खुद एमएसएमई में चौकीदार थे, इस नाते उस गरीब चौकीदार परिवार की मदद की।
उन्होंने कहा कि चौकीदार के पास जाने से पहले जिलाधिकारी और तत्कालीन कमिश्नर को अवगत कराया। उनसे अपने प्रतिनिधि भेजने को कहा। इसके बाद दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ वह पीड़ित परिवार से मिले। परिवार की दयनीय हालत बहुत खराब थी। उनके पास भोजन और कपड़ा तक नहीं था। यही कारण रहा कि उन्होंने फर्जी मुकदमे लिखवाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए तत्कालीन कमिश्नर से कहा। इस बारे में मुख्यमंत्री और गृह सचिव को भी पत्र लिखकर अवगत कराया। इसके बाद पीड़ित परिवार को उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी ने भी मुलाकात करके मदद पहुंचाई। इस सबके पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी, केवल गरीब की मदद करना मकसद था।
जांच कराएं, दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह कमल चौधरी को उतना ही जानते हैं, जितना अन्य किसी परिचित को जानता हूं। मंत्री के आरोप के संबंध में बोले कि मनोज यादव नाम के किसी व्यक्ति से वह आज तक नहीं मिले हैं और न ही कभी फोन से बात हुई है। इस संबंध में यदि कोई व्यक्ति उन पर सवाल उठा रहा है तो मामले की किसी भी स्तर से जांच करा ली जाए। फोन की कॉल डिटेल निकलवा लें। दूध का दूध-पानी का पानी… हो जाएगा। जमीन से कोई वास्ता नहीं है। जिसकी जमीन है वह उसे कंधे पर रखकर ले जाए। उनका उद्देश्य केवल पीड़ित को न्याय दिलाना था। वह हमेशा पीड़ित के साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे।
जमीन मामले में मिलीभगत मिली तो संन्यास ले लूंगा
बोदला के जमीन प्रकरण में मनोज यादव से सांठगांठ के सवाल पर सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि वह मनोज यादव को जानते तक नहीं हैं। उनका इस जमीन से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। मामले में किसी भी एजेंसी से जांच करा लें। अगर उनकी मिलीभगत साबित हो जाएगी तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह आज से नहीं अपने राजनीतिक करियर में काफी समय से पीड़ितों की मदद करते रहे हैं। जिस चौकीदार की मदद की है, उसे पहले जानते तक नहीं थे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह किसी से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं रखते हैं।
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