उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट: हाउसिंग प्रोजेक्टों में निवेश के लिए MDDA ने बनाया लैंडबैंक, ये बनाई योजना

[ad_1]

Uttarakhand Investors Summit 2023 MDDA created land bank for investment in housing projects

हाउसिंग प्रोजेक्ट
– फोटो : फाइल फोटो

विस्तार


इन्वेस्टर्स समिट के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने भी तैयारी शुरू कर दी है। समिट में हिस्सा लेने के लिए आने वाले निवेशकों को लुभाने के लिए प्राधिकरण ने कार्ययोजना तैयार की है। खासकर प्रापर्टी के क्षेत्र में निवेश को सुनिश्चित करने के लिए एमडीडीए लैंडबैंक तैयार कर रहा है, ताकि इन्वेस्टर्स यहां पर ग्रुप हाउसिंग और अन्य आवासीय प्रोजेक्टों में निवेश कर सकें।

पिछले एक महीने में 500 बीघा से अधिक लैंड बैंक तैयार किया जा चुका है। इसे पांच से 10 हजार बीघा तक ले जाने की तैयारी है। देहरादून में सभी प्रकार के उद्योगों में निवेश नहीं किया जा सकता, वहीं प्रापर्टी में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। एमडीडीए ने इन संभावनाओं को भांपते हुए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। एमडीडीए का मानना है कि अगर उनके पास लैंडबैंक होगा, तो प्रापर्टी के क्षेत्र में निवेश करने वालों से यहां पर इन्वेस्ट कराया जा सकेगा, लेकिन बगैर लैंडबैंक के कोई निवेश नहीं कराया जा सकता। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया, लैंडबैंक तैयार करने के लिए योजना बनाकर काम किया जा रहा है।

उत्तराखंड निवेशक सम्मेलन: रोड शो का कार्यक्रम तैयार, दिल्ली में 14 व 15 सितंबर को होगी एंबेसडर मीट

बताया, अब तक आठ से नौ स्थानों पर लैंडबैंक तैयार कर लिया गया है। जिले में विकासनगर, सहसपुर, किशनपुर, हर्रावाला समेत डोईवाला में लैंडबैंक तैयार किया जा रहा है। अब तक पांच सौ बीघा के करीब लैंडबैंक तैयार किया गया है। दो हजार बीघा या इससे अधिक लैंडबैंक तैयार करने की तैयारी है।

ग्रुप हाउसिंग पर एमडीडीए का अधिक फोकस

एमडीडीए का अधिक फोकस ग्रुप हाउसिंग पर है। पिछले कुछ सालों में देहरादून में ग्रुप हाउसिंग के कई प्रोजेक्ट आए, लेकिन इधर कुछ सालों से इसमें कमी आई है। एमडीडीए का मानना है कि ग्रुप हाउसिंग से शहर के विकास को गति मिलती है। ग्रुप हाउसिंग से आसपास के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं, इसलिए एमडीडीए ग्रुप हाउसिंग के लिए बड़ी कंपनियों को देहरादून में लाना चाहता है।

यहां मिल रही राहत निवेशकों को लुभाएगी

ग्रुप हाउसिंग के क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए देहरादून की मौजूदा परिस्थितियां अन्य शहरों की अपेक्षा बेहतर हैं, इसलिए माना जा रहा कि इस बार इन्वेस्टर्स समिट में प्रापर्टी के क्षेत्र में निवेश करने वाले यहां सभावनाएं तलाशेंगे। दरअसल, पहले देहरादून में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए न्यूनतम दो हजार वर्ग मीटर जगह अनिवार्य थी, जिसे घटाकर एक हजार वर्ग मीटर कर दिया गया है, इसलिए भी ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए बिल्डर यहां पर लैंडबैंक की तलाश करेंगे।

सर्किल रेट पर दे सकते अपनी जमीन

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया, लैंडबैंक तैयार करने के लिए सभी भूस्वामियों को आमंत्रित किया गया है, जो भी भूस्वामी अपनी जमीन एमडीडीए को देना चाहें, वे सर्किल रेट पर दे सकते हैं।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *