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उत्तराखडं पुलिस मुख्यालय देहरादून
– फोटो : अमर उजाला
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देहरादून में तैनात एक कमांडेंट की नाबालिग बेटी के अपहरण व छेड़खानी के आरोप में वांछित चल रहे 50 हजार के इनामी शोएब को अमरोहा एसओजी और देहरादून एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्ष 2019 में देहरादून के रायपुर में साइबर कैफे चलाता था। तभी उसने घटना को अंजाम दिया था। चार साल से शोएब मुकदमे में वांछित चल रहा था।
फिलहाल देहरादून एसटीएफ शोएब को अपने साथ ले गई है। पुलिस के मुताबिक अमरोहा नगर के मोहल्ला सराय कोहना में रहने वाले सलाउद्दीन का बेटा शोएब रूकानी वर्ष 2019 में देहरादून के रायपुर थानाक्षेत्र में साइबर कैफे चलाता था। तभी वह देहरादून में तैनात एक बीएसएफ कमांडेंट की नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर ले गया और उससे छेड़खानी की थी।
इस मामले में कमांडेंट ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पीड़िता बरामद हो गई। पुलिस ने इस मुकदमे में पॉक्सो समेत अन्य धाराएं जोड़ दी थी। तभी से पुलिस शोएब की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी। आरोपी अमरोहा में आकर भेष बदलकर रहने लगा।
मामला हाई प्रोफाइल होने के चलते शोएब की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी देहरादून एसटीएफ को सौंपी गई। उत्तराखंड में गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक करन सिंह नगन्याल ने शोएब की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। अमरोहा में कई बार दबिश देने के बाद भी देहरादून एसटीएफ शोएब को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
चार दिन पहले एसटीएफ के दरोगा उमेश कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्य टीम अमरोहा पहुंची और एसपी कुंवर अनुपम सिंह से मुलाकात की। एसपी ने सीओ सिटी विजय कुमार राना के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी रमेश सहरावत की टीम को लगाया। दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से चार दिन तक शोएब की रेकी की।
इसके बाद मंगलवार के दोपहर करीब 12:50 बजे दोनों टीमों ने शोएब को अपने ही घर से गिरफ्तार कर लिया। बाद में अमरोहा एसओजी की टीम ने नगर कोतवाली में तस्करा डालने के बाद शोएब को देहरादून एसटीएफ के हवाले कर दिया। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि शोएब पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जिसे गिरफ्तार करके देहरादून एसटीएफ के हवाले कर दिया गया है।
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