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पर्वतीय डिपो में 82 बस हैं, जिनमें से अभी करीब 32 बस ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रोडवेज वर्कशॉप में खड़ी हैं। इन बसों के कलपुर्जे समय से उपलब्ध न होने की वजह से मरम्मत नहीं हो पा रही है।

उत्तराखंड रोडवेज बस
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
परिवहन निगम की सुस्ती और लापरवाही से पहाड़ के यात्री खुद काे ठगा महसूस कर रहे हैं। हालात ये हैं कि ग्रामीण डिपो और पर्वतीय डिपो की करीब 42 प्रतिशत बस वर्कशॉप में मरम्मत के इंतजार में खड़ी हैं।
पहाड़ में लोग रोजाना बस का इंतजार करते हैं। परिवहन निगम के अलग-अलग डिपो के माध्यम से बस संचालन किया जाता है। पहाड़ के लिए विशेषकर पर्वतीय डिपो की बस संचालित की जाती हैं। पर्वतीय डिपो में 82 बस हैं, जिनमें से अभी करीब 32 बस ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रोडवेज वर्कशॉप में खड़ी हैं।
इन बसों के कलपुर्जे समय से उपलब्ध न होने की वजह से मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसके चलते पर्वतीय मार्गों पर केवल 48 से 50 बस ही संचालित हो रही हैं। इसी प्रकार, ग्रामीण डिपो में करीब 50 बस हैं, जिनमें से 11 बस वर्कशॉप में मरम्मत के लिए खड़ी हैं।
इनकी मरम्मत न होने की वजह से भी सवारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि, परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन एवं तकनीकी दीपक जैन का कहना है कि मरम्मत के बाद बस वापस संचालन में आ रही हैं
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