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उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी बनाए गए माफिया अतीक अहमद के करीबी वकील खान सौलत हनीफ ने रिमांड के दौरान पुलिस की पूछताछ में अधिवक्ता विजय मिश्र का नाम लिया था। सौलत हनीफ ने पुलिस को बताया था कि विजय मिश्र ने उनके सामने ही हत्यारों को उमेश पाल की लोकेशन दी थी। उमेश पाल जब कचहरी से निकल रहे थे तो विजय मिश्र ने इंटरनेट कॉल के जरिए शूटरों को उनकी लोकेशन दी थी। इसके बाद से ही विजय मिश्र पुलिस की रडार पर आ गए थे।
हालांकि पुलिस ने लिखा पढ़ी में यह दर्ज नहीं किया था कि लोकेशन देने वाले विजय मिश्र कौन हैं। अतीक के वकील या कोई और। रविवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बयान जारी किया कि उमेश पाल की हत्या में विजय मिश्र वांछित थे। पुलिस काफी समय से उसकी खोजबीन कर रही थी। इसी दौरान फर्नीचर व्यवयासी से तीन करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का ऑडियो वायरल होने पर पुलिस ने विजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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