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सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर जिले में कैंपियरगंज थाना क्षेत्र का मूसाबार गांव कच्ची शराब के धंधे को लेकर सुर्खियों में है। कच्ची शराब को गांव से पूरी तरह से हटाने के लिए सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाना भी बड़ा सवाल है। गांव में कई ऐसी महिलाएं हैं जो बेटे या पति को कच्ची शराब की वजह से गंवा चुकी हैं।
इसके बावजूद कच्ची शराब के धंधे में लगी हैं। उनकी मानें तो उनके पास न तो राशन कार्ड और न ही किसी अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता है। वह भी सुधरना चाहती हैं, लेकिन कोई तो सुविधा या ऐसा काम होना चाहिए, जिसे किया जा सके। वह प्रधान को कठघरे में खड़ा कर रही हैं।
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गांव में शराब बनाने वाली महिलाएं नाम न छापने के शर्त पर बताती हैं कि उन्होंने इस शराब की वजह से अपनों को खो दिया। कई घर ऐसे हैं, जहां पर कमाने वाले भी नहीं बचे हैं। इनका दर्द है कि लोग अपने बच्चों को रोकते हैं और हम अपनी बेटी, बच्चे के सामने ही शराब बेचते हैं।
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