घराना वेटलैंड में फोटोग्राफी: पक्षी प्रेमियों ने कैमरे में कैद कीं विदेशी मेहमानों की अठखेलियां

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Gharana Wetland Rs Pura

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– फोटो : सुभाष

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जम्मू के आरएस पुरा में भारत और पाकिस्तान सीमा पर सटे गांव घराना वेटलैंड में इन दिनों प्रवासी पक्षी पहुंचे हुए हैं। शुक्रवार को पर्यटन विभाग की तरफ से फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान पक्षी प्रेमियों ने विदेशी मेहमानों की अठखेलियों को अपने कैमरे में कैद किया।

इस दौरान विद्यार्थियों एवं पक्षी प्रेमियों ने प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और उन्हें निहारा भी। पर्यटन विभाग की सहायक सचिव सुनैना शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करने का मकसद बाहरी राज्यों से प्रदेश में पहुंचने वाले पर्यटकों को इस क्षेत्र से अवगत कराना है।

नवंबर के आखिरी सप्ताह में घराना वेटलैंड पर प्रवासी पक्षियों का पहुंचना शुरू हो जाते हैं। इसके लिए वेटलैंड की साफ सफाई और अन्य गतिविधियां की जाती हैं। वेटलैंड पर हर साल नए पक्षी पहुंचते हैं। इन पक्षियों की निरंतर निगरानी की जाती है। 

जम्मू जिले में हैं छह वेटलैंड
जिले में घराना के अलावा कुकरियां निकी तवी, परगवाल, नंगा बसंतर दरिया और संग्राल आरएस पुरा वेटलैंड हैं। घराना वेटलैंड पर प्रतिदिन छह हजार से अधिक पक्षियों का आवागमन होता है। 

जम्मू में हर साल आते हैं 60 प्रजातियों के पक्षी
जिला जम्मू के प्रमुख घराना वेटलैंड पर पिछले साल नई प्रजातियों में कांब बतख, ब्रामणी बतख, जंगली (मालर्ड) बतख, ब्लैक इबिस, पेटेड स्ट्राक और यूरोशियन कबूतर पहुंचे थे। घराना वेटलैंड 408 कनाल क्षेत्र में फैला हुआ है। घराना के अलावा अन्य पांच वेटलैंड पर हर साल करीब 60 प्रजातियों के पक्षी पहुंचते हैं, जिसमें घरना वेटलैंड पर करीब 24 प्रजातियां आती हैं। 

विस्तार

जम्मू के आरएस पुरा में भारत और पाकिस्तान सीमा पर सटे गांव घराना वेटलैंड में इन दिनों प्रवासी पक्षी पहुंचे हुए हैं। शुक्रवार को पर्यटन विभाग की तरफ से फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान पक्षी प्रेमियों ने विदेशी मेहमानों की अठखेलियों को अपने कैमरे में कैद किया।

इस दौरान विद्यार्थियों एवं पक्षी प्रेमियों ने प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और उन्हें निहारा भी। पर्यटन विभाग की सहायक सचिव सुनैना शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करने का मकसद बाहरी राज्यों से प्रदेश में पहुंचने वाले पर्यटकों को इस क्षेत्र से अवगत कराना है।

नवंबर के आखिरी सप्ताह में घराना वेटलैंड पर प्रवासी पक्षियों का पहुंचना शुरू हो जाते हैं। इसके लिए वेटलैंड की साफ सफाई और अन्य गतिविधियां की जाती हैं। वेटलैंड पर हर साल नए पक्षी पहुंचते हैं। इन पक्षियों की निरंतर निगरानी की जाती है। 

जम्मू जिले में हैं छह वेटलैंड

जिले में घराना के अलावा कुकरियां निकी तवी, परगवाल, नंगा बसंतर दरिया और संग्राल आरएस पुरा वेटलैंड हैं। घराना वेटलैंड पर प्रतिदिन छह हजार से अधिक पक्षियों का आवागमन होता है। 

जम्मू में हर साल आते हैं 60 प्रजातियों के पक्षी

जिला जम्मू के प्रमुख घराना वेटलैंड पर पिछले साल नई प्रजातियों में कांब बतख, ब्रामणी बतख, जंगली (मालर्ड) बतख, ब्लैक इबिस, पेटेड स्ट्राक और यूरोशियन कबूतर पहुंचे थे। घराना वेटलैंड 408 कनाल क्षेत्र में फैला हुआ है। घराना के अलावा अन्य पांच वेटलैंड पर हर साल करीब 60 प्रजातियों के पक्षी पहुंचते हैं, जिसमें घरना वेटलैंड पर करीब 24 प्रजातियां आती हैं। 



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