[ad_1]

Omar Abdullah
– फोटो : Agency
विस्तार
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि भाजपा को वंशवाद की राजनीति से कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन परिवारों से समस्या है जो भाजपा की जनविरोधी के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
अब्दुल्ला ने लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में चिराग पासवान के साथ भाजपा के गठबंधन और महाराष्ट्र में गठबंधन की अटकलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राज ठाकरे के साथ मुलाकात का हवाला देते हुए पूछा कि क्या ये परिवारवाद या पारिवारिक राजनीति के उदाहरण नहीं हैं।
अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, “भाजपा को वंशवादी परिवारों से कोई समस्या नहीं है। उन्हें उन परिवारों से समस्या है जो उनका विरोध करते हैं। और मुझे यह कहते हुए गर्व है कि मैं भाजपा का विरोध करता हूं।”
उन्होंने कहा, “क्या बीजेपी ने बिहार में चिराग पासवान के साथ गठबंधन नहीं किया? अमित शाह ने हाल ही में राज ठाकरे से मुलाकात की। क्या ये परिवारवाद के उदाहरण नहीं हैं। क्या ग्वालियर में गुना से (भाजपा के) उम्मीदवार (ज्योतिरादित्य सिंधिया) वंशवादी नहीं हैं?”
पहले ईद मनाएंगे, फिर करेंगे घोषणा
कश्मीर में तीन लोकसभा सीटों के लिए नेकां उम्मीदवारों के बारे में एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि उचित समय पर नामों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम अपने उम्मीदवारों की घोषणा सही समय पर करेंगे। हमारे निर्वाचन क्षेत्रों में तीसरे, चौथे और पांचवें चरण में मतदान होना है। अभी काफी समय है। आइए पहले ईद मना लें।’
जब अब्दुल्ला से कांग्रेस द्वारा पूर्व भाजपा नेता चौधरी लाल सिंह को वापस लेने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा क्योंकि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। बेहतर होगा कि आप इस बारे में कांग्रेस से पूछें।”
लाल सिंह, जो 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें उधमपुर से संसदीय चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के टिकट के प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
सीट-बंटवारे समझौते के अनुसार, इंडिया गठबंधन का हिस्सा होने के नाते नेकां को लाल सिंह का समर्थन करना होगा। अगर उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में नामित किया जाता है। अब यह देखना होगा कि नेकां इस पर क्या रुख अपनाती है।
[ad_2]
Source link