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वीर अब्दुल हामीद
– फोटो : Amar Ujala
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दुनिया का हर युद्ध हार-जीत के साथ ही अपने पीछे उन सैनिकों की कहानियां भी छोड़ जाता है जिसे सुनने के लिए वे हमारे बीच मौजूद नहीं रहते। वीर अब्दुल हमीद भारत के ऐसे ही शूरवीरों में से एक थे जिनके बलिदान की कहानी आज हमें प्रेरणा देती है। वीर अब्दुल हमीद यूपी के अकेले ऐसे शहीद हैं, जिन्हें सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया जा चुका है।
उनके जयंती दिवस पर शनिवार को उनकी जन्म स्थली गाजीपुर जिले के धामूपुर में उनकी माटी को लोगों ने नमन किया। परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की जयंती शनिवार को धूमधाम से शहीद पुत्र जैनुल हसन के नेतृत्व में मनाई गई। प्रतिमा पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र और भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज यादव ने केक काटकर पुष्पांजलि अर्पित की।
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अजेय माना जाता था पैटन टैंक
1965 के युद्ध का जिक्र आते ही अब्दुल हमीद की वीरता का जिक्र जरूर आता है। भारत के इस वीर सपूत ने अपनी वीरता के बल पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को ध्वस्त कर दिया था। तब पाकिस्तान इस मुगालते में था कि उसके मुकाबले भारत की सैन्य क्षमता काफी कमजोर है। यह युद्ध भारत के एक ‘परमवीर’ की जांबाजी के लिए भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।
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