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रघुराज प्रताप सिंह, राजा भैया।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
हथिगवां के बलीपुर में 2 मार्च 2013 को प्रधान नन्हें यादव उसके भाई सुरेश यादव और कुंडा सीओ जिया उल हक हत्याकांड की जांच करने के लिए दस साल बाद फिर सीबीआई की टीम दस्तक देगी। सीबीआई आने के साथ ही कुंडा में सरगर्मी भी बढ़ेगी। हत्याकांड की जांच करने के दौरान टीम पूर्व मंत्री व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के भूमिका की जांच करेगी। टीम कब आएगी, यह निश्चित नहीं है। वहीं पूछताछ से बचने के लिए कई ग्रामीण क्षेत्र छोड़ने की तैयारी करने लगे हैं।
बलीपुर के तिहरे हत्याकांड में दर्ज चार मुकदमों की सीबीआई ने एक साथ विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। जांच के दौरान सीबीआई ने राजा भैया, गुलशन यादव समेत उनके चार सहयोगियों के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। वर्ष 2014 में ट्रायल कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज करते हुए जांच जारी रखने के लिए कहा था।
हालांकि इस आदेश पर बाद में हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इस आदेश के खिलाफ सीओ जिया उल की पत्नी परवीन आजाद ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने सीबीआई को जांच जारी रखने के ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बहाल कर दिया।
सीबीआई कभी भी बलीपुर आ सकती है
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई टीम कभी भी बलीपुर आ सकती है। बलीपुर से लेकर कुंडा तक इस बात की चर्चा है। टीम अब कहां से जांच प्रारंभ करेगी, किससे क्या सवाल पूछेगी, इसके कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं सीबीआई टीम आए, इससे पहले ही बलीपुर के बहुत से लोग अब परदेस व रिश्तेदारों के यहां जाने की तैयारी करने लगे हैं। लोग इस हाईप्रोफाइल मामले से खुद को अलग रखने की जुगत करने लगे हैं।
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