डी-फार्मेसी : निजी संस्थानों को नहीं मिल रहे अभ्यर्थी, 1032 सीटें खाली

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Himachal News: 1032 D Pharmacy Seats vacant in private institutions

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत सूबे में निजी क्षेत्र में डी-फार्मेसी की पढ़ाई करवाने वाले संस्थानों को अभ्यर्थी नहीं मिल रहे। प्रदेश में 16 निजी संस्थानों में अभी भी 1032 सीटें खाली हैं। सरकारी क्षेत्र के दो संस्थानों में सीटें लगभग भर चुकी हैं। इन सीटों को भरने के लिए दो चरणों की काउंसलिंग के बाद दो बार सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग का भी आयोजन किया जा चुका है।

सरकारी के मुकाबले अधिक फीस होना निजी संस्थानों में सीटें खाली रहने की एक मुख्य वजह है। सरकारी में 10,170 रुपये के करीब फीस है जबकि निजी में 48 से 57 हजार रुपये तक फीस रखी गई है। राज्य में तकनीकी शिक्षा विभाग से संबद्धता प्राप्त 16 के करीब संस्थान हैं, जहां पर काउंसलिंग के माध्यम से अभ्यर्थियों को भेजा जाता है।

इस बार डी-फार्मेसी-2023-24 के लिए निजी संस्थानों में अभी भी 1032 सीटें रिक्त पड़ी हैं। प्रदेश के जिला कांगड़ा में चल रहे लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कठोग देहरा को छोड़कर अन्य संस्थानों में दाखिला लेने वालों की संख्या बहुत कम हैं। कई ऐसे भी संस्थान हैं जहां पर एक अभ्यर्थी ने दाखिला नहीं लिया है। 

कहां पर कितनी सीटें हैं खाली 

निजी संस्थान      खाली सीटें 

लॉरेट संस्थान देहरा    7  

शांति निकेतन कॉलेज मंडी    52 

केसी पॉलीटेक्निक ऊना    74

सिरदा संस्थान सुंदरनगर    68 

िहमालयन संस्थान कालाअंब    74 

शिवा संस्थान बिलासपुर     61 

डि्रम्ज कॉलेज सुंदरनगर    74 

विनायक संस्थान मंडी    58 

मिनर्वा कॉलेज कांगड़ा    73 

आकाश संस्थान नालागढ़    74

गौतम कॉलेज हमीरपुर    72 

हिमाचल संस्थान सिरमौर    74

एलआर संस्थान      74 

प्रियादर्शन कॉलेज कांगड़ा    72

डीडीएम कॉलेज ऊना    74

ग्रीन हिल्स कॉलेज    51

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