मुसीबत: चार दिन में सेब कारोबार को 60 करोड़ का नुकसान, डेढ़ गुना चुकाना पड़ रहा ट्रक भाड़ा

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apple season in  himachal pradesh 60 crore rupees loss in four days due to Kalka Shimla NH Closed

वैकल्पिक मार्गों से मंडियों तक सेब पहुंचाने में 6-8 घंटे ज्यादा लग रहे हैं।
– फोटो : संवाद

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कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 सोलन के चक्कीमोड़ में बंद होने से प्रदेश के सेब बागवानों को चार दिन में ही करीब 60 करोड़ का नुकसान हो चुका है। अगर एक सप्ताह तक हाईवे बहाल नहीं हुआ तो नुकसान 100 करोड़ तक पहुंच जाएगा। अभी सेब से लदे वाहनों को वैकल्पिक लंबे मार्गों से भेजा जा रहा है, जिससे सेब समय पर मंडियों में नहीं पहुंच रहा और गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।

वाहन वाया नाहन के कालाअंब से परवाणू भेजे जा रहे हैं, जिस कारण शिमला से परवाणू का ट्रक भाड़ा 28,000 भरना पड़ रहा है। पहले यह भाड़ा 18,000 रुपये लगता था। दूरी बढ़ने से ट्रकों का भाड़ा बढ़ गया है, जिसका सीधा नुकसान बागवानों को उठाना पड़ रहा है। परवाणू फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव भरांटा ने बताया कि एनएच बंद होने से पिछले चार दिन में सेब कारोबार करीब 80 फीसदी तक प्रभावित हुआ है। 

एनएच बंद होने से किसानों-बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। इन्हें बहाल रखना केंद्र सरकार की भी जिम्मेवारी है। कालका शिमला और चंडीगढ़ मनाली दोनों हाईवे बदहाल हैं। आपदा से सेब को बचाने के लिए चाहे सेना की मदद क्यों न लेनी पड़े, तुरंत राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल होने चाहिए। – हरीश चौहान, संयोजक, संयुक्त किसान मंच

मंडियों में सेब कम पहुंच रहा है। गुणवत्ता खराब हो रही है। खरीदारों को बाहरी राज्यों तक सेब पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। – हरीश ठाकुर, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन

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