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18 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और डीएम एस राजलिंगम ने क्षेत्र में कैंप किया। मामले की संवेदशीलता को देखते हुए क्षेत्र में जैतपुरा सहित छह थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी और आरएएफ तैनात की गई है।
जैतपुरा थाना क्षेत्र के दोषीपुरा मैदान से शिया समुदाय के लोग ताजिया उठाते हैं। वहां से ताजिया लाट सरैया स्थित सदर इमामबाड़ा ले जाकर ठंडा किया जाता है। शिया समुदाय के लोगों के मुताबिक दोषीपुरा इलाके से परंपरागत तरीके से सुन्नी समुदाय की ओर से एक ताजिया निकलता है। आरोप है कि शनिवार की शाम सुन्नी समुदाय के परंपरागत ताजिये के अलावा उसके पीछे अन्य इलाकों के ताजियों का जुलूस आ गया।
शिया समुदाय के लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और कहा कि नई परंपरा की शुरुआत न करें और ताजियों को उनके कदीमी रास्तों से ही लेकर जाएं। उधर, सुन्नी समुदाय के लोगों का आरोप है कि शिया समुदाय ने रास्ता रोक दिया था। इससे विवाद बढ़ा। पहले कहासुनी हुई, फिर पथराव होने लगा
दोनों तरफ से पथराव में कई पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। इस बीच भीड़ ने पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया। पुलिस का चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया। बाइक को ईंट-पत्थर से कूंच डाला। आम लोगों की बाइकें भी क्षतिग्रस्त कर दी गईं। इसकी सूचना मिलते ही जैतपुरा थाने की पुलिस और पीएसी ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। सूचना पाकर 10 थानों की फोर्स, पीएसी और आरएएफ के साथ पुलिस आयुक्त घटनास्थल पर पहुंच गए।
पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों को लाठी भांजकर खदेड़ा। पथराव में घायल हुए लोगों ने अपना उपचार मंडलीय अस्पताल में कराया है। मंडलीय अस्पताल पहुंचे घायलों में से एक व्यक्ति को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा अन्य घायलों ने आसपास के निजी अस्पतालों में अपना प्राथमिक उपचार कराया है।
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