[ad_1]

घर में फफक-कर रो पड़ीं शांति।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
देवरिया जिले में बरहज क्षेत्र के नरसिंहडांड़ गांव निवासी और पूर्व प्रधान शांति देवी मंगलवार को 22 वर्ष बाद अपने गांव पहुंचीं। घर में पैर रखते ही वह फफक पड़ीं। इतने वर्षों बाद अपने घर और जमीन पर कब्जा मिलने के बाद उन्होंने सीएम और अधिकारियों को धन्यवाद दिया। घर को बदमाशों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में गुहार लगाई थी।
पूर्व प्रधान शांति देवी गांव के ही कुछ बदमाशों के भय से घर छोड़कर पलायन कर गईं थीं। वह अपनी पुत्रियों मनोरमा, सुनीता और रेनू के घर रहते हुए समय काट रहीं थीं। अपनों की सलाह पर उन्होंने तीन दिन प्रवास पर गोरखपुर आए मुख्यमंत्री से जनता दरबार में मिलकर गुहार लगाई। शांति देवी का कहना है कि बदमाशों के भय से 22 वर्ष से गांव छोड़कर बाहर रहने की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री अधिकारियों पर तल्ख हो गए थे।
उन्होंने अधिकारियों को डांट लगाते हुए उन्हें घर वापस कराने का निर्देश दिया था। अगले दिन ही अधिकारियों ने उन्हें उनके घर पर कब्जा दिला दिया। घर पहुंची शांति का कहना था कि इतने वर्ष बाद गांव पहुंचने पर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि गांव में बहुत कुछ बदल गया है। एसडीएम अवधेश कुमार निगम ने बताया कि महिला ने पूर्व के विवाद और कुछ लोगों के भय से गांव छोड़ दिया था। मुख्यमंत्री और अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें काबिज कराया गया है।
[ad_2]
Source link