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उसी की गवाही व साक्ष्यों के आधार पर हादसे का खुलासा हुआ। एसपी ने बताया कि 11 मई की सुबह लोनार थाने के बरवन निवासी और मझिगवां कुलिया के प्रधान रामवीर सिंह का रिश्तेदार थाना अतरौली के जगसरा निवासी नारायण सिंह गांव के बाहर खून से लथपथ खेत में पड़ा हुआ था।
इस मामले में नारायण के बहनोई सौरभ सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। खुलासा करने के लिए टीम में इलाकाई पुलिस के अलावा एसओजी, सर्विलांस और स्वाट टीम को भी लगाया गया था। वह 10 मई की रात को खेत पर काम कर रहे नौकरों के लिए खाना ले कर गया हुआ था।
नौकर की गवाही से हुआ खुलासा
वहां काम कर रहे नौकर लल्ला निवासी शेखपुर थाना हरपालपुर ने पुलिस को बताया था कि उसने नारायण को खुद से गोली मारते हुए देखा था,लेकिन इस मामले में कहीं उसका नाम न आ जाए,जिसके डर से वह भाग गया था। पुलिस ने नौकर की गवाही और गांव वालों से हुई पूछताछ के बाद ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर लिया गया है।
पहले किया प्यार, फिर दे दी दगा
नारायण की गांव की एक महिला के बीच दोस्ती हो गई। जिससे वह प्रेम करने लगा। इतना ही नहीं उसने प्यार की निशानी के तौर पर अपनी प्रेमिका को अगूंठी भी दी थी। प्रेमिका की शादी के बाद दोनों दूर तो हो गए, लेकिन फिर भी नारायण की चाहत कम नहीं हुई। उसी के चलते उसने खुद की जिंदगी समाप्त कर ली।
मजदूरों को खाना देने गया था खेत
लोनार के बरवन गांव के बाहर खेत में खून से लथपथ नारायण सिंह के पुत्र अनिल सिंह का शव पड़ा पाया गया। युवक देर रात को खेत पर खाना देने गया था। इसके बाद वापस घर नहीं लौटा। सुबह उसका खून से लथपथ शव देख हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों के साथ ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे।
गोली मारकर खुदकुशी कर ली
नारायण सिंह लोनार थाना क्षेत्र के बरवन में अपने बहनोई के घर में रहता था। 10 मई की रात वह मजदूरों के लिए खेत पर खाना लेकर गया था। इसी दौरान मजदूरों को गोली की आवाज सुनाई दी, तो मौके पर जाकर मजदूरों ने देखा कि नारायण सिंह ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है।
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