पीएम मोदी ने नहीं लिया पीएन सिंह का नाम, कांग्रेस विधायक पूर्णिमा की उपस्थिति चर्चा का विषय

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पीएम मोदी ने हर्ल परिसर में धनबाद से लगातार रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीत रहे सांसद पशुपतिनाथ सिंह का नाम संबोधन के क्रम में नहीं लिया. इधर, झरिया की कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह हर्ल सिंदरी के कार्यक्रम में उपस्थित रहीं. इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा है. पूर्णिमा नीरज सिंह के बारे में कहा जा रहा था कि हर्ल परिसर उनके विधान सभा क्षेत्र में भी नहीं है और वह यहां पहुंची. कहीं वह भाजपा में शामिल तो नहीं होंगी? धनबाद संसदीय क्षेत्र की वह दावेदार तो नहीं हैं? इसके अलावा सिंदरी के भाजपा विधायक इंद्रजीत महतो, जो बाहर इलाजरत हैं, उनकी पत्नी तारा देवी फिलहाल मोर्चा संभाल रखी हैं, का कार्यक्रम स्थल पर खड़े रहना भी चर्चा का विषय बना रहा. उन्हें मंच पर जगह नहीं मिली थी. दूसरी तरफ वीआइपी गैलरी में भाजपा नेता लक्की सिंह नजर आये. इसे लेकर भी लोग चर्चा कर रहे थे.

हर्ल के सभास्थल पर प्रधानमंत्री के आगमन के बाद केंद्रीय कृषि व जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिकृति और शॉल ओढ़ाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. वहीं मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शॉल ओढ़ाकर व भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा प्रधानमंत्री को सौंपकर अभिनंदन किया. पुराने एफसीआइ सिंदरी प्लांट के डिस्मेंटलिंग से लेकर निर्माण कार्य में कार्यरत कर्मचारियों, सफाई कर्मियों तथा हार्टिकल्चर से जुड़े सभी 47 कर्मियों से प्रधानमंत्री ने मुलाकात कर बातचीत की. उन्होंने कर्मियों से स्थानीयता सहित प्लांट से संबंधित जानकारी प्राप्त की और बेहतरीन कार्य करने का संदेश दिया.

प्रधानमंत्री ने उद्घाटन से पूर्व हर्ल प्लांट का किया दौरा

 प्रधानमंत्री ने हर्ल हेलिपैड पर निर्धारित समय से 15 मिनट की देर के साथ 11 बजे उतरे. उन्होंने हेलिपैड से निकलकर सिंदरी के डोमगढ़वासियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. हर्ल सीसीआर रुम में स्थापित कंट्रोल पैनल को देखकर जानकारी प्राप्त की. उसके बाद उन्होंने हर्ल के निर्माण कार्य में लगे 47 कर्मियों से मुलाकात की. वह उद्घाटन स्थल की ओर बढ़ चले. 36 हजार करोड़ की सौगात झारखंड को देने के बाद उन्होंने संक्षिप्त अभिभाषण दिया और लगभग 12 बजकर 25 मिनट पर बरवाअड्डा में आयोजित कार्यक्रम के लिए निकल पड़े. कार्यक्रम स्थल पर पूर्व मध्य रेल के जीएम तरुण प्रकाश, धनबाद रेल मंडल के डीआरएम कमल किशोर सिन्हा समेत कई रेल अधिकारी भी मौजूद थे.

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