[ad_1]

सितारगंज हाईवे ।
– फोटो : संवाद
विस्तार
पीलीभीत-सितारगंज हाईवे फोरलेन में किसानों की अधिगृहीत जमीनों के मुआवजे की प्रक्रिया लटक गई है। सिटी मजिस्ट्रेट के आमद दर्ज न कराने से यह प्रक्रिया लटकी है। पांच दिनों से सिटी मजिस्ट्रेट की सीट खाली होने से किसान कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
पीलीभीत-सितारगंज हाईवे के निर्माण में सदर के अलावा अमरिया तहसील के 33 गांवों के करीब 2300 ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही थी। करीब 10 करोड़ का मुआवजा किसानों को मिल भी गया था। बाकी प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही थी।
बरेली नगर निगम का हाल: प्लॉट और छोटी सी कोठरी पर लगा दिया 15 लाख रुपये का टैक्स, कर दिया सील
[ad_2]
Source link