पुंछ: बलिदानी कमांडो अब्दुल माजिद कीर्ति चक्र से सम्मानित, जम्मू कश्मीर सरकार ने भी दिया सम्मान

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jammu kashmir: Parachute Regiment Havildar Abdul Majid poonch conferred Kirti Chakra

पुंछ
– फोटो : संवाद

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पैराशूट रेजिमेंट की नौवीं बटालियन के हवलदार अब्दुल माजिद को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर सरकार ने अब्दुल माजिद को वीरता के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया है। पिछले साल नवंबर में राजोरी में मुठभेड़ के दौरान वह वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

अब्दुल माजिद जम्मू संभाग के पुंछ जिले के रहने वाले हैं। 22 और 23 नवंबर को राजोरी जिले के कालाकोट के जंगलों में मुठभेड़ के दौरान पांच वीर जवान बलिदान हो गए थे, जिनमें दो कैप्टन भी शामिल थे।

ऑपरेशन के दौरान बलिदानी माजिद सबसे पहले 63 आरआर के घायल कैप्टन एमवी प्रांजल को बाहर निकालने के लिए आगे बढ़े और मोर्चा संभाला। उन्होंने गुफा में छिपे आतंकवादियों को बाहर आने के लिए मजबूर करने के लिए ग्रेनेड दागा। आतंकवादियों ने उन्हें घायल किया। इसके बावजूद भी वह उनकी ओर बढ़े, उन्हें खत्म किया और अंततः चोटों के कारण दम तोड़ दिया।

शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुंछ के भारत पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के गांव अजोटे में शहीद हवलदार अब्दुल मजीद के घर सेना की 25 इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल गौरव ऋषि अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित भी किया।

इस दौरान अब्दुल माजिद के पिता ने इस सम्मान के लिए केंद्र, प्रदेश सरकार और सेना का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार आज राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया है। इससे पहले जम्मू कश्मीर सरकार से उन्होंने जो मांगें की थी उन्हें पूरा कर दिया गया है। इन सबके लिए उन्होंने धन्यवाद किया।

जम्मू कश्मीर के चार जवानों को मिला शौर्य चक्र

अशोक चक्र के बाद कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। शौर्य चक्र देश का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान मोहन लाल, अमित रैना, फरोज अहमद डार और वरुण सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

राष्ट्रपति ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर छह कीर्ति चक्र और 16 शौर्य चक्र सहित कुल 80 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी। छह कीर्ति चक्र में से तीन को मरणोपरांत और 16 शौर्य चक्र में से दो को मरणोपरांत प्रदान किया गया।

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