मारुति सुजुकी 2030 तक 6 इलेक्ट्रिक कारों सहित 10 नई कार के 28 मॉडल करेगी लॉन्च, जानें पूरी डिटेल

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नई दिल्ली : भारत की घरेलू वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वर्ष 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहन समेत करीब 10 नई कारें लॉन्च की योजना बनाई है. कंपनी की ओर से जितनी कारें बनाई जाएंगी, उनमें करीब आधा दर्जन इलेक्ट्रिक कारें भी शामिल होंगी. वाहन निर्माता कंपनी ने मारुति 3.0 रणनीति के तहत उत्पादन और बिक्री की मात्रा बढ़ाने की अपनी योजना का भी खुलासा किया है. इस योजना के तहत मारुति सुजुकी इंडिया का लक्ष्य 2032 तक कुल बिक्री को दोगुना कर 40 लाख यूनिट प्रति वर्ष करने का भी है. मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अपने पोर्टफोलियो में मौजूदा 18 मॉडलों को छोड़कर वित्त वर्ष 2031 में 28 मॉडल रखना है.

उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘मारुति 3.0’ अभियान शुरू

मारुति सुजुकी इंडिया नौ साल में 20 लाख इकाई की सालाना उत्पादन क्षमता जोड़ने के लिए ‘मारुति 3.0’ नाम से एक विशेष अभियान की शुरुआत कर रही है. कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि वित्त वर्ष 2030-31 तक कंपनी 28 मॉडल बाजार में उतारेगी. उन्होंने 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट में कंपनी के शेयरधारकों को अपने संबोधन में कहा कि भारत में एसयूवी की बिक्री लगातार बढ़ रही है और शुरुआती स्तर के छोटी कार बाजार की वृद्धि दर पूर्व स्तर तक पहुंचने की कोई संभावना नहीं है… ऐसे में कंपनी अब अपने उत्पादन संयंत्रों को पुनर्गठित कर रही है. उन्होंने कहा कि कंपनी वास्तविक स्थिति तथा भविष्य का अनुमान लगा रही है.

दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा बना भारतीय कार बाजार

मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने यह भी कहा कि भारतीय कार उद्योग के दहाई अंक में वृद्धि करने की उम्मीद नहीं है, जैसा कि अतीत में चीन में हुआ था. हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030-31 तक छह प्रतिशत की वृद्धि दर बरकरार रहेगी. भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए कंपनी द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अब जो योजना बनाई जा रही है, उसे ‘मारुति 3.0’ की शुरुआत कहा जा सकता है. हमारा पहला चरण तब था, जब हम एक सार्वजनिक उद्यम थे. कोविड महामारी से दूसरा चरण समाप्त हुआ और भारतीय कार बाजार दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा बन गया. कंपनी के सामने चुनौतियां अभूतपूर्व हैं.

20 लाख यूनिट की क्षमता बनाने में लगे 40 साल

उन्होंने कहा कि 20 लाख यूनिट की क्षमता बनाने में हमें 40 साल लग गए और एसएमसी (सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन) ने गुजरात संयंत्र स्थापित करके इसे पूरा किया. कंपनी को अब अगले नौ वर्षों में 20 लाख इकाई की क्षमता और जोड़नी होगी. मारुति सुजुकी को उम्मीद है कि निर्यात की मांग बढ़ती रहेगी और वित्त वर्ष 2030-31 तक निर्यात बढ़कर 7.5 लाख से आठ लाख कारों तक पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि घरेलू मांग और निर्यात जरूरतों के कारण कंपनी के लिए अतिरिक्त 20 लाख इकाई की विनिर्माण क्षमता जोड़ना आवश्यक हो गया है.

उत्पादन सुविधाओं का पुनर्गठन कर रही मारुति सुजुकी

मारुति सुजुकी अब मारुति 3.0 योजना के तहत वास्तविकताओं और भविष्य के अनुरूप अपनी उत्पादन सुविधाओं का पुनर्गठन कर रहा है. इस योजना में एसयूवी और क्रॉसओवर पर अधिक ध्यान केंद्रित करना शामिल है, क्योंकि ऑटो कंपनी पिछले कुछ वर्षों में उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला के साथ इस क्षेत्र में सफलता का स्वाद चख रही है. दूसरी ओर, मारुति सुजुकी की पारंपरिक ताकत छोटी कारों की बिक्री संख्या में गिरावट देखी गई है. इस प्रवृत्ति ने मारुति सुजुकी को अपनी उत्पाद रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है, जहां एसयूवी और एमपीवी जैसे उपयोगिता वाहनों को छोटी हैचबैक पर अधिक ध्यान दिया जाएगा. मारुति सुजुकी के पास बाजार में चार बहुत अच्छी तरह से स्वीकृत एसयूवी हैं और हम इस सेगमेंट में नेतृत्व संभालने की राह पर हैं. हम धीरे-धीरे अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना जारी रखेंगे, जिसमें पिछले दो या तीन वर्षों में गिरावट आई थी.

सुजुकी के गुजरात प्लांट का अधिग्रहण करेगी मारुति

कुछ दिन पहले ही मारुति सुजुकी ने खुलासा किया था कि वह सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के गुजरात प्लांट का पूर्ण अधिग्रहण करेगी. मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन ने संकेत दिया है कि यह प्लांट उत्पादन मात्रा बढ़ाने की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि हमें 20 लाख यूनिट की क्षमता बनाने में 40 साल लग गए और एसएमसी (सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन) ने गुजरात सुविधा स्थापित करके इस प्रक्रिया में मदद की. आपकी कंपनी को अब 9 साल की अवधि में अगले 20 लाख यूनिट जोड़ने होंगे.

हरियाणा के खरखौंदा में प्लांट लगा रही मारुति

कंपनी के शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के खरखौदा में प्लांट का काम प्रगति पर है और उम्मीद है कि 2.5 लाख क्षमता वाला पहला प्लांट 2025 की पहली छमाही में उत्पादन शुरू कर देगा. इसके बाद, इसी तरह का एक प्लांट और लगाया जाएगा. एक ही समय पर 10 लाख की क्षमता तक पहुंचने के लिए प्रत्येक वर्ष जोड़ा गया. हालांकि, प्रति वर्ष 40 लाख कारों का उत्पादन एकमात्र बेंचमार्क नहीं है, जिसे मारुति सुजुकी हासिल करने का लक्ष्य बना रही है. वाहन निर्माता आने वाले वर्षों में उत्पादन और बढ़ा सकता है.

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