मूर्खानंद विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह: पूजे गए गर्दभराज, तालियों नहीं कांव-कांव से हुआ उत्साहवर्धन

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Convocation ceremony of Murkhanand University Gardabharaj worshipped encouragement was not by applause

मूर्खानंद विश्वविद्यालय का 34वां दीक्षांत समारोह
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा में मूर्खानंद विश्वविद्यालय का 34वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को कौवों के कांव-कांव और गर्दभराज के पूजन के साथ मनाया गया। समारोह में मूर्ख शिरोमणी, मूर्खाधिराज, काक शिरोमणी, मूर्खमौलिमणि, काक शिरोमणि समेत विभिन्न उपाधियां दी गईं।

सेंट एंड्रूज पब्लिक स्कूल कर्मयोगी में शुक्रवार को मूर्खानंद विवि का 36वां दीक्षांत समारोह का शुभारंभ गर्दभराज के पूजन व आरती के साथ किया गया। डाॅ. गिरधर शर्मा ने कुलपति अभिभाषण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर पवन आगरी को मूर्ख शिरोमणि, सदानंद भ्रह्मभट्ट को काक शिरोमणि, आदर्शनंदन गुप्त को महामूर्ख खबरची, डाॅ. सपना गोयल को चपला चंचला, डाॅ. वत्सला प्रभाकर को मूर्खमणि रत्न, प्रो. डाॅ. नीलू शुक्ला शर्मा को मूर्खमौलिमणि रत्न, पवन बंसल को महामूर्खाधीश की उपाधि व प्रशस्तिपत्र दिए गए। 

सभागार में उपस्थित श्रोताओं ने सभी प्रस्तुतियों पर कांव-कांव की ध्वनि से उत्साहवर्धन किया। अध्यक्षता करते हुए प्रो. लवकुश मिश्रा ने महामूर्ख सम्मेलन का इतिहास बताया। कुलसचिव राजबहादुर सिंह राज ने मूर्खाें का मांगपत्र जारी किया। विद्यालय अध्यक्ष ओशिन शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। अंशू सिंह, डाॅ. निधि सक्सेना, विकास गोयल, आलोक वैष्णव, भूदल यादव, अंजना गुप्ता, विक्की कथूरिया, आदित्य अग्रवाल, रिषभ सिंह, केएल. शर्मा एवं अनुभव बंसल आदि का योगदान रहा।

 

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