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रोड पर उड़ रही धूल से बढ़ रही परेशानी।
– फोटो : अमर उजाला।
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लखनऊ से शहर में प्रवेश करने के एंट्री प्वाइंट नौसढ़ से लेकर कालेसर तक बंधे के सुंदरीकरण की योजना तीन वर्षों में आधी भी पूरी नहीं हो सकी है। शहर में आने वालों को खूबसूरती का अहसास तो नहीं हुआ, लेकिन करीब छह किमी तक बांध के सामने बने घरों में रहने वालों की जीवन दुश्वारियों भरा जरूर हो गया है।
कहीं सड़क पर मिट्टी पड़ी है तो कहीं बांध पर। जब गाड़ियां गुजरती हैं, तो धूल का गुबार उड़ने लगता है। जिसके चलते यहां के लोगों का अफनाहट महसूस होने लगती है। उनका कहना है कि बंधे की खूबसूरती पता नहीं कब दिखेगी, पर काम की रफ्तार इसी तरह रही तो लोग सांस के मरीज जरूर हो जाएंगे।
नौसड़ से ही 400 मीटर तक बंधे पर मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। सड़क पर भी मिट्टी गिरी है। सड़क के ही किनारे दो से तीन फीट की चौड़ाई में फुटपाथ बनना है, वहां भी मिट्टी डाली गई है। जब गाड़ियां उधर से गुजर रही हैं तो धूल ही धूल उड़ रही है।
इसके बाद करीब तीन सौ मीटर तक मॉडल के तौर पर सुंदरीकरण काम पहले कराया गया था, जिसे देखकर खूबसूरती का अहसास जरूर महसूस होता है। लेकिन, इसके आगे बांध पर कोई काम नहीं हुआ है। बरहुवा से आगे बढ़ने पर स्थिति और ज्यादा खराब है। बांध पर उगी हुई बड़ी-बड़ी झाड़ियां और रखे गए गोबर व गोइठा खूबसूरती का मुंह चिढ़ा रहे हैं।
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