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Prayagraj News : अस्पताल में भर्ती बच्ची।
– फोटो : अमर उजाला।
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बेटियों को बोझ समझने वाले लोगों की आज भी कमी नहीं है। अपनी मुंह बोली मामी द्वारा बेरहमी से पीटी गई मासूम की भी कुछ ऐसी ही कहानी है। इलाज के दूसरे दिन जब बच्ची को होश आया तो उसने आप बीती बयां की। बच्ची ने बताया कि वह लखनऊ के चौक इलाके की रहने वाली है। मां के गुजर जाने के बाद दिहाड़ी मजदूरी करने वाले पिता रामबाबू उसका पालन पोषण करते थे। बेटी को बोझ समझने वाले पिता ने तीन अंजान लड़कों के हाथों उसे बेच दिया। जिसके बाद वह कानपुर आ गई।
बच्ची ने बताया की कानपुर में उसे जहां रखा गया था, वहां कुछ और लड़किया भी थीं। वहीं कुछ दिनों बाद बच्ची का सौदा प्रयागराज की बेऔलाद सिन्हा दंपती के साथ हो गया। आर्मी स्कूल के अध्यापक अरूण सिन्हा अपनी पत्नी अंजना सिन्हा के साथ उस बच्ची को लेकर प्रीतमनगर स्थित सनसाइन अपार्टमेंट में रहने लगे। वह उसे बेटी नहीं बल्कि नौकरानी की तरह इस्तेमाल करने लगे।
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