शीतकालीन खेलों पर सूखे का संकट: गुलमर्ग में बिना बर्फबारी के प्रभावित हो सकते हैं खेलो इंडिया विंटर गेम्स

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Khelo India Winter Games may be affected without snowfall in Gulmarg

गुलमर्ग
– फोटो : संवाद

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गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स के चौथे संस्करण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यह आयोजन दो फरवरी से होना है, लेकिन अभी तक बर्फबारी नहीं हुई। जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव के अनुसार, शीतकालीन खेलों के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं, अब सिर्फ बर्फबारी का इंतजार है। इस शुष्क मौसम का असर विंटर टूरिज्म पर भी पड़ा है, जिससे स्थानीय हितधारकों की आजीविका प्रभावित हुई है।

राष्ट्रीय स्तर के स्नोबोर्डर और कोच फरहत नाइक ने बर्फबारी में देरी से पर्यटन पर पड़े असर को लेकर चिंता व्यक्त की। फरहत ने कहा, उनके अधिकतर क्लाइंट यूरोप और यूएस से रहते हैं। 15 दिसंबर से अब तक 25 से अधिक क्लाइंट्स बुकिंग रद्द कर चुके हैं। इस बार शीतकालीन खेलें असंभव लग रही हैं। 

अगर इस हफ्ते तक बर्फबारी नहीं हुई तो विंटर गेम्स नहीं हो पाएंगी। 29 जनवरी को बर्फबारी की संभावना को लेकर फरहत ने कहा, स्लोप्स (चेयर लिफ्ट स्लोप) पर प्रतियोगिताएं करवाने के लिए कम से कम एक मीटर तक बर्फ होनी चाहिए। अगर इतनी बर्फ जमा होगी, तभी ग्रूमर का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्हें नहीं लगता कि इतने कम समय में एक मीटर बर्फबारी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुजहत गुल ने कहा, बर्फबारी होगी तो ही शीतकालीन खेलें हो पाएंगी। बर्फबारी न होने पर विंटर गेम्स के वेन्यू को बदलने के विकल्प को लेकर पूछने पर उन्होंने कहा, यह फैसला सरकार लेगी। नुजहत ने कहा कि फिलहाल अभी संभावना जताई गई है कि फरवरी के पहले सप्ताह में बर्फबारी होगी, हम भी इसका इंतजार कर रहे हैं। हमारी ओर से जो तैयारियां की जानी थीं, उन्हें पूरा कर लिया है।

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