High Court : बिहार सरकार को लौटाने होंगे ₹52.79 करोड़, भारत सरकार के उपक्रम से टैक्स के रूप में जबरन वसूले थे

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Patna High Court : state taxes government of bihar have to return ₹52.79 crore to National insurance company

पटना हाईकोर्ट।
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार


केंद्र और राज्य सरकार के बीच टैक्स वसूली को लेकर खींचतान के एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले के तहत बिहार सरकार को टैक्स के रूप में जबरन वसूले गए 52 करोड़ 79 लाख 79 हजार 660 रुपये भारत सरकार के उपक्रम नेशनल इंश्योरेंस लिमिटेड के पटना क्षेत्रीय कार्यालय को वापस करने होंगे। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से दाखिल रिट याचिका पर हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।

शुरू से जानें क्या हुआ और कैसे

नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध माल एवं सेवा कर अधिनियम के तहत कर, सूद एवं शास्ति संबंधी पाटलिपुत्र अंचल पटना के तत्कालीन सहायक आयुक्त संजय कुमार मिश्र ने एक आदेश पारित कर 52 करोड़ 79 लाख 79 हजार 660 रुपये मांग की गई थी। इस मांग के विरुद्ध नेशनल इंश्योरेंस ने अधिनियम की धारा 107 के अंतर्गत अपर आयुक्त माल एवं सेवा कर (केंद्रीय प्रमंडल) पटना में अपील दायर कर चुनौती दी गई, लेकिन सितंबर 2022 में उसे खारिज कर दिया गया। कंपनी ने अपीलीय प्राधिकरण में इसे चुनौती दी, लेकिन उक्त प्राधिकरण का गठन नहीं होने के कारण मामला अटका रहा। कंपनी ने अपीलीय प्राधिकरण में अपील दायर करते समय अधिनियम के प्रावधान के तहत मांगी गई राशि का 20% भुगतान कर दिया, ताकि नियमानुसार शेष राशि की वसूली स्वतः स्थगित हो जाए। लेकिन, माल एवं सेवा कर पाटलिपुत्र अंचल ने पांच जनवरी 2023 को इंश्योरेंस कंपनी के खाताधारक बैंक ऑफ़ बड़ौदा और एचडीएफसी को गलत प्रावधानों का जिक्र करते हुए नोटिस निर्गत किया गया कि वह 20 प्रतिशत के बाद बची राशि 42 करोड़ 07 लाख 86 हजार 307 रुपये विभाग को ट्रांसफर कर दे। इस सूचना पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने पिछले साल पांच जनवरी को फौरी राहत के लिए पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर दी।  विभाग ने रिट याचिका की सूचना के बावजूद इंश्योरेंस कंपनी के बैंक खाते से यह शेष राशि की जबरन वसूली कर ली।

पटना हाईकोर्ट का क्या आया आदेश

रिट याचिका की सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने जबरन वसूली करने वाले पदाधिकारी संजय कुमार मिश्र को व्यक्तिगत तौर पर नोटिस जारी कर अपना शपथ पत्र दायर करने का आदेश दिया था। अब हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कृष्णन विनोद चंद्रन एवं राजीव रॉय की खंडपीठ ने बिहार सरकार के माल एवं सेवा कर विभाग की वसूली की कथित कारवाई की कड़ी आलोचना करते हुए उसे अवैधानिक एवं अनुचित करार दिया। वसूली गई राशि को दो सप्ताह के भीतर नेशनल इंश्योरेंस को वापस करने का आदेश दिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि वसूली गई राशि समय के बाद वापस करने पर 12 प्रतिशत की दर से सूद भी लगेगा। खंडपीठ ने वसूली करने वाले पदाधिकारी संजय कुमार मिश्र के ऊपर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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