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सूर्यांश का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली के भमोरा क्षेत्र में सूर्यांश हत्याकांड के आरोपी रुद्र से पूछताछ के दौरान कई बातें सामने आईं हैं। उसने पुलिस को बताया कि योजनाबद्ध तरीके से कुछ नहीं किया। सामने आने पर गालीगलौज के बाद उसने गुस्से में गोली चला दी। दूसरी ओर ग्रामीणों में चर्चा है कि सांसद के चुनाव से शुरू हुई रंजिश में जमीन विवाद ने मामले को और बढ़ा दिया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
रविवार दोपहर बड़े भाई नितिन के साथ बल्लिया में सामान खरीदने गए कक्षा 10वीं के छात्र सूर्यांश की गांव निवासी रुद्र प्रताप उर्फ देव ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। लोगों के मुताबिक रुद्र के साथ उसका दोस्त नीरज था। दोनों ही घर से नलकूप जाने की बात कहकर निकले थे, हालांकि सूर्यांश के पिता ओमवीर ने रुद्र के पिता सतीश के साथ होने और उसी के हाथों गोली चलाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सीओ समेत पुलिस ने घटनास्थल व बल्लिया में सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पता लगा कि 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में दो ठाकुर प्रत्याशी आमने-सामने थे। इसमें कुंवर सर्वराज सिंह जेडीयू से व राजवीर सिंह सपा से प्रत्याशी थे। राजवीर सिंह के पक्ष में गांव घिलौरा निवासी सूर्यांश के ताऊ राजवीर चुनाव लड़ा रहे थे। वहीं सर्वराज सिंह को रुद्र के दादा वीरपाल सिंह चुनाव लड़ा रहे थे। मतदान के दिन दोनों में कुछ कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद राजवीर ने वीरपाल व सतीश समेत पांच लोगों पर मुकदमा करा दिया था। इससे रंजिश बढ़ गई।
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इसके बाद हुए प्रधानी चुनाव में आरक्षण बदला तो राजवीर सिंह ने दयाराम कश्यप को लड़ाया तो सतीश ने दिनेश शर्मा को चुनाव लड़ाया। दिनेश की जीत हो गई थी। इन्हीं दिनों में 2011 में लंगुरा गांव में दोनों पक्षों की कारें आमने-सामने आने पर गोलियां चलीं, जिसमें वीरपाल, राजवीर सिंह व रतन सिंह की मौत हो गई थी।
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