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स्वास्थ्य केंद्रों का हाल बेहाल
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर भर्ती मरीजों को कागज पर तो सभी सुविधाएं मिल रहीं हैं, लेकिन हकीकत में परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे खराब हालत प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बने वार्डों की है। कहीं, स्वास्थ्य केंद्र पर दीवारों में सीलन है और प्लास्टर टूटकर गिर रहा है तो कुछ जगहों पर मरीजों को फटे हुए बेड पर सुलाया जा रहा है। शनिवार को अमर उजाला की पड़ताल में ऐसा ही चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है।
शहरी सीएचसी काशी विद्यापीठ: महिला वार्ड में चादर का पता नहीं
शहरी सीएचसी काशी विद्यापीठ में बने महिला वार्ड में तीन फटे बेड लगाए गए थे। दूसरे बेड पर भी पतला गद्दा लगा था, चादर नहीं दिखी। यहीं नहीं इस वार्ड में 30 से अधिक कुर्सियां इस तरह रखी गईं थीं, जैसे मीटिंग हाॅल हो। यहां दीवारों में सीलन दिखी, प्लास्टर भी टूटा दिखा। टीवी पर भी मकड़ी का जाल दिख रहा था।
पीएचसी पिंडरा: बेड पर चादर नहीं, नीचे बैठा था कुत्ता
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा में वार्ड में लगे बेड पर शनिवार को चादर नहीं दिखी। बेड से लगी दीवार में ऊपर की ओर सीलन भी रही। मरीजों को भर्ती करने वाले बेड के नीचे कुत्ता आराम फरमा रहा था। यहां चिप्स के पैकेट भी फेंके गए थे। स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जो सूची हैं, वह भी बहुत पुरानी है। इसमें प्रभारी समेत कई लोग बदल गए हैं, लेकिन सूची अपडेट नहीं हुई।
पीएचसी शिवपुर: पीने के पानी की व्यवस्था नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर में जगह-जगह दीवारों में सीलन की वजह से प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। मरीजों, तीमारदारों के लिए शुद्ध पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण मरीजों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ता है। केंद्र प्रभारी डॉ. मनोज दूबे ने बताया कि यहां सीलन लगने, पानी की व्यवस्था न होने की जो समस्या है, उसका समाधान जल्द कराया जाएगा।
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल: प्राइवेट वार्ड में फाॅल सीलिंग खराब, सर्जिकल वार्ड में टूटा दरवाजा
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में फाॅल सीलिंग बहुत खराब हो गई है। कई जगहों पर फाॅल सीलिंग गिरती जा रही है। इसके अलावा मेडिकल, सर्जिकल वार्ड में कई जगह दरवाजे और खिड़कियों के शीशे चटके हैं। मेडिकल वार्ड में तो बाहर से लगी खिड़की बंद नहीं हो पाती है। इसी परिसर में चलने वाले 50 बेड वाली एमसीएच विंग में भी कई जगहों पर दरवाजे टूटे हैं।
कायाकल्प के तहत सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के जीर्णोद्धार की तैयारी है। इसके लिए सभी अधीक्षकों, प्रभारियों को निर्देशित किया जा चुका है। जिन जगहों पर अधिक समस्या है, प्राथमिकता के आधार पर उसका समाधान कराने को कहा गया है। – डाॅ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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