2021 से चल रहा है मनी लॉन्ड्रिंग का केस ईडी ने 2021 में अतीक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान ही अतीक व उसकी पत्नी की तीन करोड़ की संपत्तियां भी जब्त की थी। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अप्रैल में ईडी ने अतीक के करीबी बिल्डरो

[ad_1]

माफिया अतीक अहमद और अशरफ की संपत्ति कुर्क किए जाने के छह महीने की अवधि बीतने के बाद भी कोई अपील न होने पर पिछले दिनों ही पुलिस आयुक्त न्यायालय से मामला गैंगस्टर कोर्ट में भेज दिया गया था। अब कमिश्नरेट पुलिस ने इस संपत्ति के संबंध में एक रिपोर्ट ईडी एसटीएफ और आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई(बीपीयू) को भेज दी है।

Prayagraj Police sent report: ED, Income Tax Department will also investigate Atik's valuable benami property.

अतीक अहमद-अशरफ। फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


माफिया अतीक अहमद की बेशकीमती बेनामी संपत्ति की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) और आयकर विभाग भी करेगा। प्रयागराज पुलिस की ओर से इसकी रिपोर्ट ईडी और आयकर अफसरों को भेजी गई है। राजमिस्त्री के नाम पर बनाई गई यह संपत्ति गौसपुर कटहुला में स्थित है, जिसे गैंगस्टर के तहत पिछले साल कुर्क किया जा चुका है।

12.42 करोड़ की इस संपत्ति को अपराध से अर्जित माना गया और फिर पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर इसे कुर्क किया गया था। इस बेनामी संपत्ति का खुलासा तब हुआ था, जब लिखापढ़ी में इसके मालिक लालापुर निवासी हूबलाल ने पुलिस न्यायालय के समक्ष पहुंचकर यह जानकारी दी कि अतीक ने जबरन उसके नाम पर यह जमीन लिखाई थी। साथ ही यह भी कहा था कि जब वह कहेगा तो हूबलाल को उसके नाम पर जमीन लिखनी होगी।

संपत्ति कुर्क किए जाने के छह महीने की अवधि बीतने के बाद भी कोई अपील न होने पर पिछले दिनों ही पुलिस आयुक्त न्यायालय से मामला गैंगस्टर कोर्ट में भेज दिया गया था। अब कमिश्नरेट पुलिस ने इस संपत्ति के संबंध में एक रिपोर्ट ईडी एसटीएफ और आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई(बीपीयू) को भेज दी है।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *