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गांधीनगर अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान
– फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के उपलक्ष्य में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को गांधीनगर अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जिसमें बढ़चढ़ कर लोगों ने भाग लिया। गांधीनगर अस्पताल प्रशासन के सहयोग से लगाए गए शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। वहीं, जिला सांबा के अस्पताल में भी अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शिविर आयोजित किया गया।
इससे पहले शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शहर के सरवाल अस्पताल जम्मू में लगाए गए रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। रक्तदाताओं में दूसरों के लिए कुछ करने का जज्बा और उत्साह देखते ही बना। खासतौर पर मौजूदा डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच यह रक्तदान कई जरूरतमंद मरीजों के लिए राहत देगा। रक्तदान में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हुए।
सरवाल अस्पताल और गांधीनगर अस्पताल प्रशासन के सहयोग से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में लगाए गए रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं ने दिखाया कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। यह दूसरों को नया जीवन देता है। शिविर में रक्तदान के लिए कई पहली बार पहुंचे तो कई स्वैच्छिक तौर पर।
रक्तदान के लिए जोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था कि उन्हें रक्तदान के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। रक्तदान के लिए पहुंचे रक्तदाताओं के पते, मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप आदि महत्वपूर्ण जानकारियां ली गईं, ताकि भविष्य में जरूरतमंद मरीजों के लिए दोबारा उनकी सेवाएं ली जा सकें। इस दौरान अमर उजाला के कई कर्मचारियों ने भी रक्तदान किया। रक्तदाताओं को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र दिए गए।
सरवाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय रैना और गांधीनगर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण योगराज ने रक्तदाताओं को सराहा। शिविर में सेवाएं देने वाले चिकित्सा स्टाफ में गांधीनगर अस्पताल से ब्लड बैंक ऑफिसर डॉ. उत्रा संबयाल, सीनियर स्टाफ नर्स अनीता कुमारी, जूनियर स्टाफ नर्स नेहा देवी, डॉ. बिंदु चौहान, नवीन भान, डॉ. वैशाली, गुरमीत सिंह आदि शामिल रहे।
पहली बार रक्त देकर सुखद अहसास हुआ
शिविर में रक्तदान के लिए पहुंचे कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया। 19 वर्षीय रक्तदाता फैसल अशरफ वानी ने कहा कि पहली बार रक्तदान करके उन्हें सुखद अहसास हो रहा है। उन्हें लग रहा है कि उनका रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है। इसी तरह तलोड़ा, उधमपुर 24 वर्षीय निवासी विशाल सिंह ने कहा कि मैने पहली बार रक्तदान किया है और मुझे लग रहा है कि शायद ही इससे बड़ा कोई दान हो। अखनूर निवासी 24 वर्षीय धीरज कुमार ने भी पहली बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस नेक कार्य में अपना योगदान देना चाहिए। चूंकि इस समय अस्पतालों में डेंगू के चलते प्लेटलेट की मांग बढ़ी है, जिसका रक्त से ही निर्माण होता है। अन्य रक्तदाताओं में गुलशन, अखिल, अनुभव, सुनील, रिकी डलोत्रा (प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य), निखिल, अभिषेक आदि शामिल रहे।
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