Dehradun: एटीएम का ये बटन कर सकता है कंगाल, DSP बोले- हम सब करते हैं ऐसी गलतियां, इस नंबर को रखें याद

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एटीएम मशीन से पैसे निकालते समय बटनों का चुनाव भी आपको साइबर ठगी (एटीएम फ्रॉड) से बचा सकता है। बटन मेटल की जगह प्लास्टिक के हैं तो आपके साइबर ठगी का शिकार होने की संभावना ज्यादा है। बटनों की थर्मल इमेज बनाकर साइबर ठग आपके गोपनीय पिन का पता लगा सकते हैं।

साइबर ठगों के इस नए पैंतरे की जानकारी शनिवार को अमर उजाला कार्यालय आए डीएसपी एसटीएफ अंकुश मिश्रा ने दी। डीएसपी अंकुश मिश्रा ने बताया कि साइबर ठगों ने इन दिनों थर्मल इमेज को नया हथियार बनाया है। उन्होंने बताया कि जब कोई एटीएम में पैसे निकालने जाता है तो उसकी अंगुलियों से थर्मल एनर्जी (शरीर की ऊर्जा) बटनों में चली जाती है।

पीछे से आया साइबर ठग थर्मल इमेज कैमरे से इसकी फोटो खींच लेता है। इस फोटो में छोटे-बड़े चार बिंदू आते हैं। इसमें सबसे छोटा बिंदू वह बटन है जिसे पहले दबाया गया होता है। सबसे बड़ा बिंदू दर्शाता है कि यह बटन सबसे बाद में दबाया गया था। इसी तरह बीच के दो बटनों का भी पता लगाया जा सकता है। 

यह ऊर्जा मेटल के बटनों पर 40 से 50 सेकेंड तक रहती है। इस अवधि के बाद यदि कोई साइबर ठग एटीएम कक्ष में आता है तो उसे थर्मल इमेज नहीं मिलती। लेकिन, प्लास्टिक के बटनों पर थर्मल एनर्जी काफी देर तक रहती है।

इससे अगले दो-चार मिनट तक भी थर्मल इमेज खींची जा सकती हैं। ऐसे में आसानी से डेबिट कार्ड का पिन पता किया जा सकता है। डीएसपी मिश्रा ने इसके बचाव भी कई तरीके बताए। इसके अलावा उन्होंने कई ऐसे तरीके बताए जिनसे मौजूदा समय में साइबर ठगों के जाल से बचा जा सकता है। 

साइबर ठगी होने पर याद रखें डॉयल 1930

किसी भी तरह की साइबर ठगी हो। आपके खाते से पैसे निकलें हो या एटीएम फ्रॉड हुआ हो। सेक्सटॉर्शन के शिकार हों या आपको लॉटरी का झांसा देकर ठगा गया हो। ऐसा कुछ भी होने पर वित्तीय साइबर हेल्पलाइन डॉयल 1930 को याद रखें। इस पर जल्द से जल्द शिकायत करेंगे तो आपके पैसे वापस आने की संभावना बढ़ जाएगी। इस नंबर को आप किसी वैश्विक घटना या जन्म वर्ष याद रख सकते हैं। मसलन, 1930 में विश्व की सबसे बड़ी मंदी आई थी।



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