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श्री रामजन्म भूमि पथ
– फोटो : अमर उजाला
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राममंदिर निर्माण के साथ ही नव्य अयोध्या भी तेजी से आकार ले रही है। अयोध्या के कायाकल्प की नींव पांच अगस्त 2020 को उस समय पड़ गयी थी जब पीएम नरेंद्र मोदी ने राममंदिर का भूमिपूजन किया था। भूमि पूजन के तीन साल बीत चुके हैं, इन तीन सालों में राममंदिर का 65 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शनिवार पांच अगस्त को भूमि पूजन की तीसरी वर्षगांठ है। इन तीन सालों में अयोध्या नए सिरे से सज-संवर रही है। 161 फीट ऊंचे तीन मंजिला राममंदिर के भूतल का काम लगभग पूरा हो चुका है। रामलला का गर्भगृह बनकर तैयार है तो प्रथम तल के स्तंभों को भी लगाने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। प्रथम तल पर रामदरबार की स्थापना होगा। वहीं जनवरी 2024 में राममंदिर भक्तों के लिए खुल जाएगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा मकर संक्रांति के पीएम नरेंद्र मोदी करेंगें।
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संघ व विहिप तैयारियों में जुटा है। वहीं राममंदिर के समानांतर ही रामनगरी भी नए रूप में आकार ले रही है। इन तीन सालों में रामनगरी में भक्तों की संख्या चार गुना बढ़ गयी है इसलिए यहां यात्री सुविधाएं विकसित करने की गति भी तेज हो चली है। 34 हजार करोड़ की योजनाओं से अयोध्या को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मेलों पर निर्भर थी अर्थव्यवस्था, अब पांच गुना बढ़ा निवेश
मंदिर-मस्जिद विवाद के चलते अयोध्या पांच सदी तक संतप्त रही। यहां आने से पर्यटक कतराते थे। अयोध्या की अर्थव्यवस्था मेलों पर ही निर्भर थी, लेकिन मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद रामनगरी की अर्थव्यवस्था भी बदली है। रामनगरी में चार गुना पर्यटक बढ़े हैं। पहले हर साल जहां करीब दो करोड़ श्रद्धालु व पर्यटक आते थे। पिछले साल अयोध्या में 4. 25 करोड़ श्रद्धालु आए इनमें पर्यटकों की संख्या चार गुना अधिक थी। अर्थशास्त्री प्रो़ विनोद श्रीवास्तव बताते हैं कि दो साल पहले तक रामनगरी का इच्छित निवेश दस प्रतिशत था वह आज 50 प्रतिशत पहुंच चुका है। यह आर्थिक तरक्की का संकेत है।
इस तरह से समझिए कितना हुआ है काम
– मर्यादापुरूषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट- 80 फीसदी
– 1450 एकड़ में नव्य अयोध्या- 10 फीसदी
– पांच स्थानों पर पार्किंग का निर्माण-80 फीसदी
-अयोध्या में छह प्रवेश द्वार- भूमि अधिग्रहण जारी
– रामपथ, भक्तिपथ व श्रीरामजन्मभूमि पथ का निर्माण – 70 फीसदी
– मंदिर मॉडल की तरह रेलवे स्टेशन – 90 फीसदी
– परिक्रमा मार्गों का चौड़ीकरण व विकास- मुआवजा वितरण
– 30 होटलों का निर्माण – 10 पर काम जारी
– सात ओवरब्रिज का निर्माण- 70 फीसदी
– प्राचीन कुंडों का सुंदरीकरण- 70 फीसदी
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