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सीसीटीवी फुटेज में कैद पूरा मामला
– फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
एएमयू के सरसैयद ग्राउंड में मृत पाए गए डॉक्टर की पहचान के बाद किसी को यह अंदाजा न था कि उनकी मौत कुत्तों के हमले में हुई है। शरीर के हालात देख शुरुआत में शोर चाकुओं से गोदकर हत्या का मचा। पुलिस प्रशासन में अधिकारी भी यही मान बैठे। मगर जब सीसीटीवी देखा और खौफनाक मंजर सामने आया तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। डॉक्टर को 3 मिनट 20 सैकेंड तक कुत्ते नोचते रहे और शरीर के अलग अलग 18 हिस्सों में अनगिनत घाव हुए।
जिनसे हुए अत्यधिक रक्तस्राव (मेडिकल साइंस के अनुसार हैमरेजिक शॉक) में ऑक्सीजन स्तर गिरना और बीपी-पल्स गिरना मौत का कारण बना है। शव के पोस्टमार्टम के दौरान पाया गया कि शरीर के हर हिस्से में सिर से लेकर पांव तक कुल 18 घाव हैं, सर्वाधिक घाव गर्दन व सिर पर हैं। सिर, हाथ, पांव, गर्दन, सीना, जांघ, पेट आदि कोई ऐसा हिस्सा नहीं, जहां चोट न हो। इसी में अधिक खून बहने से उनकी मौत हुई है।
डॉक्टर की मौत का यह सच पहले सीसीटीवी और फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उजागर हुआ है। पुलिस को पहली सूचना साढ़े सात बजे मिली। जब पुलिस प्रशासनिक अधिकारी और एएमयू प्रॉक्टोरियल टीम पहुंची तो देखने से लगा कि मौत चाकुओं से गोदकर हुई है। मगर डीएम इंद्र विक्रम सिंह व एसएसपी कलानिधि नैथानी शहर में घूम रहे थे। उनको लाश का वीडियो फोटो भेजा गया। एसएसपी ने कहा कि यह घाव चाकुओं के नहीं हैं, बल्कि कुत्ते के पंजे के लग रहे हैं। बारीकी से जांच जरूरी है।
इस पर टीम ने आसपास के सीसीटीवी देखा तो सच सामने आ गया। घटनाक्रम में पहले एक कुत्ता उन पर भौंकता है। फिर आठ-दस कुत्तों ने घेरकर हमला किया। शुरुआत में तो वे हाथ से ही कुत्तों को भगाने की कोशिश करते रहे। मगर फिर गिरते हैं तो उठ नहीं पाते। इसके बाद दो बार उठने की कोशिश की, मगर वे सफल नहीं हुए। कुत्ते तब तक उनके शरीर के अलग अलग हिस्सों को खींचते नोचते रहे, जब तक उनकी मौत नहीं हो गई।
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