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पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह।
– फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जौनपुर की एमपी एमएलए कोर्ट की ओर से सुनाई गई सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल उनकी अपील पर बुधवार को सुनवाई टल गई। अब मामले की सुनवाई होली की छुट्टियों के बाद ही हो सकेगी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय सिंह की अदालत में हो रही है। मामला वाद सूची में 154 नंबर पर सूचीबद्ध होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी।
जौनपुर एमपी एमएलए की विशेष अदालत ने पूर्व सांसद को नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण, रंगदारी मांगने, धमकाने व आपराधिक साजिश रचने के मामले में छह मार्च को सात साल की सजा सुनाई है। सात साल की सजा के कारण वो लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। उनकी ओर से दाखिल अपील में सजा को रद्द किए जाने और फैसला आने तक जमानत पर रिहा किए जाने की गुहार लगाई गई है।
इधर, लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों की घोषणाएं भी शुरू हो गई हैं। लेकिन,सुनवाई टलने से धनंजय सिंह के राजनीतिक भविष्य पर काले बादल मंडराने लगे हैं। क्योंकि, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दो साल से ज्यादा की सजा पाने वाले को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं है। संवाद
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