Amarnath Yatra: यात्रा के रूट पर CRPF की अचूक किलेबंदी, कैसे आतंकियों का काल बनी ‘950 मीटर’ की थ्योरी

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CRPF geared up to provide foolproof security to pilgrims on the route of Amarnath Yatra

Amarnath Yatra: CRPF
– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार


अमरनाथ यात्रा के रूट पर श्रद्धालुओं को अचूक सुरक्षा प्रदान करने के लिए देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ ने कमर कस ली है। जिन मार्गों से अमरनाथ यात्रा गुजरेगी, वहां की अचूक किलेबंदी कर दी गई है। सीआरपीएफ की 950 मीटर की थ्योरी, आतंकियों को यात्रा रूट के निकट नहीं फटकने देगी। भले ही सरकारी कर्मियों के लिए रोजाना आठ घंटे की ड्यूटी तय होती है, लेकिन सीआरपीएफ के जवान, अमरनाथ यात्रा के दौरान 14 से 16 घंटे तक तैनात रहते हैं। बल के एक अधिकारी ने बताया, यात्रा रूट पर श्रद्धालुओं के काफिले पूरी तरह महफूज रहेंगे। इन्हें बल के वाहन एस्कॉर्ट करेंगे। रास्ते में कोई खतरा न हो, इसके लिए सीआरपीएफ की ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ 24 घंटे गश्त पर रहेगी।

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इतनी दूरी पर रहेगा सीआरपीएफ का एक मोर्चा

सीआरपीएफ ने अमरनाथ यात्रा के रूट को सुरक्षित बनाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। यात्रा का पहला जत्था जम्मू से रवाना हो चुका है। बल ने लगभग एक किलोमीटर के अंतराल पर रूट को सैनिटाइज किया है। यानी इतनी दूरी पर सीआरपीएफ का एक मोर्चा रहेगा। मोर्चों की इतनी कम दूरी इसलिए रखी गई है कि किसी दूसरे मोर्चे पर कोई घटना हो, तो पहले मोर्चे से बिना कोई देरी किए जवान, वहां पहुंच सकते हैं। खास बात है कि जवानों ने खुद ही अपने मोर्चे तैयार किए हैं। यात्रा रूट पर पर्याप्त संख्या में ‘आरओपी’ तैनात हो चुकी हैं। यात्रियों को फुलप्रूफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए रूट के कुछ हिस्सों पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा सीसीटीवी भी लगाए गए हैं।





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