Amroha: बच्ची को बाइक पर बैठाने के बहाने से ले गया, फिर एकांत जगह पर की गंदी हरकत, अब बीस साल की कैद

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Amroha: 20 years imprisonment person who did dirty work with girl, court also imposed fine

अमरोहा कोर्ट ने सुनाई सजा
– फोटो : अमर उजाला।

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अपहरण के बाद आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी जमानत पर बाहर था न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है। ये घटना 16 मई 2019 को गजरौला थानाक्षेत्र के गांव में  हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है।

घटना वाले दिन किसान की आठ वर्षीय बेटी गांव के बच्चों के साथ खेत में बनी झोपड़ी के पास खेल रही थी। तभी यहां बाइक सवार अज्ञात व्यक्ति पहुंचा और बच्चों को पांच-पांच रुपये देकर नमकीन खरीदने भेज दिया। इसके बाद आरोपी बच्ची को नमकीन दिलाने और मोटरसाइकिल पर सवारी खिलाने के बहाने अपने साथ ले गया।

कुछ देर बाद परिजनों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। गायब होने के करीब डेढ़ घंटे बाद बच्ची खेतों की तरफ से पैदल आती मिली। वह सहमी हुई थी। घर आने के बाद बच्ची को बुखार आ गया। इसके बाद बच्ची ने अपनी मां को आपबीती बताई।

इस मामले में किसान ने अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने पड़ोस गांव मौहम्मदपुर के ही रहने वाले मूलचंद उर्फ मूले को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके कुछ दिन बाद आरोपी मूलचंद जमानत पर जेल से बाहर आ गया।

ये मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय संजय कुमार चतुर्थ की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रतनलाल पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की।

साक्ष्य और सबूतों आधार पर आरोपी मूलचंद उर्फ मूले को दोषी करार दिया। साथ ही 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 

ऐसे पकड़ में आया था दोषी

अमरोहा। घटना के बाद दोषी मूलचंद उर्फ मूले भाग हो गया था। किसी ने उसे देखा भी नहीं था। एफआईआर के आधार पर पुलिस विवेचना कर रही थी। परिजन भी आरोपी से अनजान थे। तभी खुद दोषी की मां पीड़ित परिवार के घर पहुंची और अपने बेटे मूलचंद उर्फ मूले के करतूत पर अफसोस जताने लगी।

माफी भी मांगी। इस दौरान तो बच्ची के परिजनों ने मूलचंद की मां को समझाकर वापस भेज दिया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।

मुकर गए थे गवाह, मेडिकल बना आधार

मासूम बच्ची के अपहरण के बाद दुष्कर्म की इस घटना में पुलिस और डॉक्टर को छोड़कर सभी गवाह मुकर गए थे। खुद बच्ची ने भी आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया था। लेकिन बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए न्यायालय ने मूलचंद उर्फ मूले को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। इस मुकदमे में पुलिस और डाॅक्टर समेत कुल 10 का गवाह थे। जिसमें आठ में अपनी गवाही पेश की थी।

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