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अंकिता भंडारी और पुलकित आर्या
– फोटो : अमर उजाला
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कोटद्वार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत में शुक्रवार को पुलिस की फॉरेंसिक मोबाइल यूनिट की प्रभारी एसआई संध्या नेगी और पशुलोक बैराज के फाॅरेस्ट चेक पोस्ट में तैनात रहे वनकर्मी आशीष पुरोहित ने अपने बयान दर्ज कराए।
दोनों ने एसआईटी के समक्ष पूर्व में दिए गए बयान दोहराए। एसआई ने बताया कि उसने अंकिता के कमरे और सामान का निरीक्षण किया, लेकिन मौके पर किसी तरह के चांस फिंगर प्रिंट नहीं मिले। उधर, दूसरे गवाह वन कर्मी ने घटना के दिन स्कूटी चला रहे पुलकित आर्य की पहचान की। बताया कि स्कूटी के पीछे एक लड़की बैठी हुई थी। स्कूटी के पीछे मोटरसाइकिल पर दो युवक सवार थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने पास के गांव कौड़िया जाने की बात बताई थी।
महिला उपनिरीक्षक संध्या नेगी ने बताया कि 23 सितंबर को वह फॉरेंसिक टीम के साथ वनंतरा रिजार्ट पहुंचीं। वहां अंकिता भंडारी के कमरे का गहनता से निरीक्षण किया। कमरे में एक बैग था, जिसमें मृतका के कपड़े थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कमरे से चांस फिंगर प्रिंट लेने का प्रयास किया, लेकिन कमरे में कोई चांस फिंगर प्रिंट नहीं मिला।
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