[ad_1]

कर्पूरी ठाकुर।
– फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जननायक और समाजवादी नेता दिवंगत कर्पूरी ठाकुर के बेटे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामनाथ ठाकुर ने फोन किया है। पीएम ने रामनाथ ठाकुर को बधाई दी, उनका हालचाल जाना। साथ ही रामनाथ ठाकुमर को सपरिवार अपने आवास पर आने का आमंत्रण भी दिया है। इधर, पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद रामनाथ ठाकुमर ने कहा कि 36 साल के संघर्ष का फल मिल गया। मैं अपने परिवार और बिहार के 15 करोड़ लोगों की तरफ से केंद्र की मोदी सरकार को धन्यवाद देता हूं। यह निर्विवाद रूप से सत्य है कि ठाकुर जी (कर्पूरी ठाकुर) ने अपना अनमोल जीवन स्वजन को उपकृत तथा लाभ पहुंचाने की अपेक्षा अपने सिद्धांतों, आदर्शों एवं मूल्यों को प्रश्रय में व्यतीत किया। परिवारवाद और वंशवाद को उन्होंने जनतंत्र के लिए हमेशा घातक माना। राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर ने कहा कि असहाय, पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए मेरे पिता ने संघर्ष किया, इसलिए उन्हें जननायक कहा गया।
भारतीय समाज और राजनीति पर उन्होंने जो अविस्मरणीय छाप छोड़ी है
वहीं जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देशभर के मेरे परिवारजनों की ओर से जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को उनकी जन्म-शताब्दी पर मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। इस विशेष अवसर पर हमारी सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भारतीय समाज और राजनीति पर उन्होंने जो अविस्मरणीय छाप छोड़ी है, उसे लेकर मैं अपनी भावनाओं और विचारों को आपके साथ साझा कर रहा हूं।
जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का पूरा जीवन सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे लिखा कि आज कर्पूरी बाबू की 100वीं जन्म-जयंती है। मुझे कर्पूरी जी से कभी मिलने का अवसर तो नहीं मिला, लेकिन उनके साथ बेहद करीब से काम करने वाले कैलाशपति मिश्र जी से मैंने उनके बारे में बहुत कुछ सुना है। सामाजिक न्याय के लिए कर्पूरी बाबू ने जो प्रयास किए, उससे करोड़ों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया। उनका संबंध नाई समाज, यानि समाज के अति पिछड़े वर्ग से था। अनेक चुनौतियों को पार करते हुए उन्होंने कई उपलब्धियों को हासिल किया और जीवनभर समाज के उत्थान के लिए काम करते रहे। जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का पूरा जीवन सादगी और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। वे अपनी अंतिम सांस तक सरल जीवनशैली और विनम्र स्वभाव के चलते आम लोगों से गहराई से जुड़े रहे। उनसे जुड़े ऐसे कई किस्से हैं, जो उनकी सादगी की मिसाल हैं।
[ad_2]
Source link