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प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेता कृष्णानंद त्रिपाठी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरीय नेता कृष्णानंद त्रिपाठी ने पटना में विधानसभा मार्च पर लाठीचार्ज में एक भाजपा नेता की मौत के मामले में अपनी ही पार्टी के साथ गठबंधन वाली बिहार की नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। खुद के संगठन मगध फाउंडेशन के विस्तार के लिए औरंगाबाद आए त्रिपाठी ने शुक्रवार को यहां प्रेस वार्ता में बिहार विधानसभा के घेराव के दौरान भाजपा नेताओं पर लाठीचार्ज और एक कार्यकर्ता की मौत पर प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस नेता कृष्णानंद त्रिपाठी ने कहा कि अगर पुलिस की लाठी से किसी की मौत होती है तो यह निंदनीय है। इसकी वे घोर निंदा करते हैं। हालांकि पूर्व मंत्री ने मामले में नीतीश सरकार को कठघरे में खड़ा कर देने के बावजूद यह कहकर सरकार का बचाव भी किया कि इस बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। अगर पूरी जानकारी होती तो इस पर कुछ और कहते। लेकिन अगर पुलिस की लाठी से किसी की मौत होती है तो यह निःसंदेह निंदनीय है।
इसके बाद मंत्री ने प्रेस वार्ता में अपनी बातों को अपने संगठन मगध फाउंडेशन तक ही सीमित कर लिया। उन्होंने कहा कि मगध फाउंडेशन का गठन देश की एकता और अखंडता को कायम रखने के उद्देश्य के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब मगध साम्राज्य की सीमा अफगानिस्तान तक फैली हुई थी। जितना मगध साम्राज्य का दायरा था, आज उतने में कई देश बसे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मगध की इसी धरती से पूरे देश पर शासन चलता था। एक सूत्र में पूरा देश बंधा हुआ था, जिसे कायम करने के लिए ही मगध फाउंडेशन का गठन किया गया है। इसका विस्तार किया जा रहा है। सभी राज्यों के जिलों में कमेटी का गठन किया जा रहा है। लोग इससे जुड़ रहे हैं। आज देश को जाति और भाषा के आधार पर विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे समाप्त करने के लिए मगध फाउंडेशन के तत्वावधान में सामाजिक आंदोलन चलाया जा रहा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि हम लोगों से अपील करना चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ें।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह, मगध फाउंडेशन के जिला प्रभारी उमेश तिवारी, शैलेंद्र पांडेय, मीडिया सेल के अध्यक्ष रवि सिंह राजपुत, भोला सिंह, मनोज सिंह और एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष भीम चौहान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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